महबूबा मुफ्ती का आरोप – बिना सबूतों के लोगों को गिरफ्तार कर रही है सरकार, नतीजे खतरनाक होंगे

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जम्मू-कश्मीर के पुंछ में आतंकियों के खिलाफ सेना का अभियान जारी है. दो दिन पहले (सोमवार) पुंछ के घने जंगलों में छिपे आतंकियों ने सर्च ऑपरेशन चला रही सेना की टुकड़ी पर घात लगाकर हमला किया था. इस हमले में देश के पांच जवान शहीद हो गए थे. सेना अब इन जवानों की शहादत का बदला लेने के लिए मोर्चे पर डट चुकी है.

पुंछ रेंज के डीआईजी ने कहा कि वक्त लग रहा है लेकिन हम एक-एक शहादत का बदला लेंगे. जानकारी के लिए बता दें कि सोमवार को एलओसी से सटे पुंछ इलाके में 3 से 4 आतंकियों के घुसपैठ की खबर मिली थी. जैसे ही जवानों ने एक्शन शुरू किया घात लगाए बैठे आतंकियों ने उनपर पर हमला बोल दिया.

पुंछ रेंज के डीआईजी विवेक गुप्ता ने कहा, ‘5 जवानों की शहादत के बाद सेना इन जंगलों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है. चप्पे-चप्पे पर आतंकियों की तलाश की जा रही है लेकिन इलाका बेहद घने जंगलों से घिरा होने की वजह से थोड़ा वक्त जरूर लग रहा है.’

पुंछ ही नहीं पूरे जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है. आतंकियों के खिलाफ एक्शन में आई सेना ने 24 घंटे के भीतर 6 आतंकियों को मार गिराया है. आतंकियों को भी एक बात गांठ बांध लेनी होगी कि उन्हें अब हर गुनाह का हिसाब देना होगा. कश्मीर की जमीन पर गिरे शहीदों के लहू के हर कतरे की कीमत उन्हें चुकानी होगी.

जेसीओ सहित पांच जवान हुए शहीद

पुंछ सेक्टर में आतंकियों से मुठभेड़ में भारतीय सेना के एक जेसीओ सहित पांच सैनिक वीरगति को प्राप्त हो गए थे. ये सभी सैनिक भारतीय सेना की 16 आरआर (राष्ट्रीय राइफल्स) के जवान थे. इस ऑपरेशन में जम्मू कश्मीर पुलिस भी शामिल थी. जानकारी के मुताबिक, सोमवार की सुबह भारतीय सेना को जानकारी मिली थी कि पुंछ के करीब शाहदरा (थानामंडी) इलाके में कुछ संदिग्ध आतंकियों की मूवमेंट देखी गई.

इस ‌सूचना के आधार पर सेना ने डीकेजी के जंगल में कोर्डन एंड सर्च ऑपरेशन शुरू किया. लेकिन सर्च शुरू करते ही जंगल में छिपे हुए आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी. दोनों तरफ की फायरिंग में सेना के पांच जवान घायल हो गए. घायल जवानों को करीब के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

मारे गए सैनिकों की पहचान नायब सूबेदार जसविंदर सिंह, नायक मंदीप सिंह, सिपाही गजन सिंह, सिपारी सरज सिंह और सिपाही एच वेशाख के रूप में हुई. जसविंदर, मंदीप और गजन सिंह पंजाब के निवासी हैं और सरज सिंह उत्तर प्रदेश के शाहजांपुर, जबकि वेशाख केरल के कोलम जिले के रहने वाले हैं.