मायावती का BJP पर तंज कहा, कर्ज में डूबी यूपी को भ्रमकारी नहीं रोजगार-युक्त बजट..

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Mayawati
Mayawati targets bjp

योगी सरकार 2.0 ने आज अपना दूसरा बजट पेश किया है। साल 2023-24 का यह बजट 6 लाख 90 हजार 242 करोड़ 43 लाख रुपए का है। जिसके बाद विपक्षी दलों ने सरकार के इस बजट की आलोचना करना शुरू कर दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव, शिवपाल यादव के साथ ही बसपा प्रमुख मायावती ने भी बजट को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा और इस बजट को ऊंट के मुंह में जीरा करार दे दिया।

विकास की जमीनी हकीकत मिथ्या प्रचार व जुमलेबाजी

दरअसल मायावती ने ट्वीट करते हुए कहा की, यूपी सरकार द्वारा सदन में आज पेश बजट जनहित व जनकल्याण का कम एवं लोकसभा चुनाव स्वार्थ को लेकर पुनः वादों का पिटारा। क्या इस अवास्तविक बजट से यहाँ की जनता का हित व कल्याण तथा भारत का ग्रोथ इंजन बनने का दावा पूरा होगा? कर्ज में डूबी यूपी को भ्रमकारी नहीं रोजगार-युक्त बजट चाहिए। उन्होंने कहा, “यूपी भाजपा सरकार अपनी बहुप्रचारित घोषणाओं, वादों व दावों को ध्यान में रखकर यहां महंगाई से त्रस्त लगभग 24 करोड़ जनता की गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, पिछड़ेपन एवं अराजकता आदि से उत्पन्न बदहाली को दूर करने हेतु अपनी कथनी व करनी में अन्तर से जनता के साथ विश्वासघात क्यों?”

बसपा प्रमुख ने कहा, “यूपी सरकार द्वारा लोकसभा आमचुनाव के मद्देनजर नए भ्रमकारी वादे व दावे करने से पहले पिछले बजट का ईमानदार रिपोर्ट कार्ड लोगों के सामने नहीं रखने से स्पष्ट है कि भाजपा की डबल इंजन सरकार में प्रति व्यक्ति आय व विकास की जमीनी हकीकत मिथ्या प्रचार व जुमलेबाजी। बजट ऊंट के मुंह में जीरा। “उन्होंने आगे कहा की, “लोगों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु प्रति व्यक्ति आय में अपेक्षित वृद्धि, रोजगार व सरकारी भर्ती आदि तो दूर, उन पर कर्ज का बढ़ता बोझ सरकार की गलत नीतियों व प्राथमिकताओं का प्रमाण. कर्ज के बढ़ते बोझ से स्पष्ट है कि सरकार, दावों एवं प्रचारों के विपरीत, हर मोर्चे पर विफल हो रही है।”