किसान महापंचायत: अनिल विज बोले – शांति से जनसभा करें किसान, कानून हाथ में नहीं लेने देंगे

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किसानों पर 28 अगस्त को हुए पुलिस लाठीचार्ज के खिलाफ करनाल में आज किसान महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है. महापंचायत को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. राज्य सरकार ने 4 ज़िलों में इंटरनेट, मोबाइल और एसएमएस सेवाएं बंद कर दी हैं. करनाल के एसपी गंगा राम पुनिया ने बताया है कि पुलिस की 40 कंपनियां अनाज़ मंडी और आस-पास के क्षेत्र में तैनात की हैं.

शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करें किसान, कानून हाथ में न लें- सरकार

किसान महापंचायत पर हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा, ‘’अगर किसान शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करते हैं तो किसी को दिक़्क़त नहीं होगी. किसान जत्थेदार और नेताओं से प्रार्थना है कि अभी हरियाणा में आंदोलन की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि 3 कृषि क़ानून अभी लागू नहीं हैं.’’

वहीं, हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा है, ‘’प्रशासन के पुख़्ता बंदोबस्त हैं. किसी को भी क़ानून हाथ मे नहीं लेने दिया जाएगा. हमारी किसान भाइयों से अपील भी है कि वो अपनी जनसभा करना चाहते हैं तो करें. लेकिन शांतिपूर्ण तरीके से करें.’’

मामला राजनीतिक हो चुका है- संजीव बालियान

इससे पहले किसानों के आंदोलन पर केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने कहा, “मामला राजनीतिक हो चुका है. अब वे (किसान) उत्तर प्रदेश और पंजाब में ही रैलियां करेंगे. हरियाणा में चुनाव नहीं हैं इसलिए वहां कम रैलियां होंगी. रैलियों में संसाधन दूसरी पार्टियां दे रही हैं. विपक्षी दल किसानों के कंधे का इस्तेमाल करना चाहते हैं.”

उन्होंने कहा, ‘’हम भी चाहते हैं किसानों से बातचीत शुरू हो और किसानों के वास्तविक मुद्दों पर सरकार के सामने चर्चा हो. कानून वापस लेने की बजाय जो संशोधन वे चाहते हैं, वो करवाना चाहिए. किसान 9 महीने से दिल्ली में हैं. किसान यहां से कुछ न कुछ लेकर जाए, खाली हाथ न जाए.’’

करनाल में लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध

बता दें कि कार्यक्रम से एक दिन पहले प्रशासन ने करनाल में लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा दिया. जिला प्रशासन ने सीआपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध लगा दिया. हरियाणा सरकार ने सोशल मीडिया के जरिए “गलत सूचना और अफवाहों के प्रसार पर काबू” के लिए करनाल जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को निलंबित करने का सोमवार को आदेश दिया.

आज क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं किसान

गौरतलब है कि हरियाणा पुलिस ने 28 अगस्त को बीजेपी की एक बैठक में जा रहे नेताओं का विरोध करते हुए एक राष्ट्रीय राजमार्ग पर कथित तौर पर यातायात बाधित करने वाले किसानों के एक समूह पर लाठीचार्ज किया था. इसमें 10 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे. एसकेएम ने आईएएस अधिकारी आयुष सिन्हा के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है. सिन्हा कथित तौर पर एक टैप में पुलिस कर्मियों को प्रदर्शन कर रहे किसानों को ‘‘सिर तोड़ने’’ का कहते सुनाई दे रहे हैं. संगठन ने सिन्हा को बर्खास्त करने की भी मांग की है. हरियाणा सरकार ने बुधवार को करनाल एसडीएम आयुष सिन्हा सहित 19 आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया.