Kisan Andolan updates: किसानों ने ठुकराया सरकार का लिखित प्रस्ताव, कहा- आंदोलन तेज कर BJP नेताओं का करेंगे घेराव

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कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का आज यानी बुधवार को 14वां दिन है। सरकार ने आज सिंघु बॉर्डर पर किसानों को प्रस्ताव भेज दिया। चर्चा करने के बाद किसान नेताओं ने प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। मंगलवार को 13 किसान नेताओं की गृहमंत्री अमित शाह के साथ चार घंटे तक चली बातचीत में किसी हल की उम्मीद की जा रही थी लेकिन अभी इस पर कोई फैसला नहीं हो सका। इधर, अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हनन मुल्ला ने कहा कि कल बैठक में कोई नतीजा नहीं निकला। सरकार ने 10 दिसंबर को बैठक के लिए बोला है, अगर प्रस्ताव के बाद कुछ सकारात्मक निकल कर आता है तो कल बैठक हो सकती है।

भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मंगलवार को शाह के साथ बैठक को ‘सकारात्मक’ बताते हुए कहा कि सरकार किसान नेताओं को आज एक मसौदा देगी, जिस पर हम किसानों के साथ चर्चा करेंगे। टिकैत ने कहा, “मैं कहूंगा कि बैठक सकारात्मक थी। सरकार ने हमारी मांगों पर संज्ञान लिया है और कल हमें एक मसौदा दिया जाएगा, जिस पर हम विचार-विमर्श करेंगे।”

किसान नेताओं ने कहा कि जियो के जितने में प्रोडक्ट्स और मॉल हैं, उनका बहिष्कार करेंगे। पूरे देश में प्रदर्शन जारी रहेंगे। 14 दिसंबर को धरना देंगे। जयपुर और दिल्ली हाईवे को 12 तारीख तक रोक देंगे। आडानी और अंबानी के टोल प्लाज। बीजेपी के नेताओं का घेराव करेंगे।

किसान नेताओं ने सरकार के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। साथ ही आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।

किसान नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि हमने सरकार के सभी प्रस्ताव ठुकरा दिया है।
-जियो के सभी प्रोडक्ट का बहिष्कार करेंगे
-14 दिसंबर को पूरे देश में धरना-प्रदर्शन करेंगे।
-पूरे देश में जारी रहेगा आंदोलन
-13 तारीख को पूरे देश में धरना प्रदर्शन करेंगे
-12 तारीख को पूरे देश में टोल प्लाजा बंद किया जाएगा
-12 तारीख तक कभी भी दिल्ली-जयपुर हाईवे बंद किया जा सकता है
-14 दिसंबर के बाद से अनिश्चितकालीन प्रदर्शन जारी रहेगा, जब तक तीनों कानून वापस नहीं लिए जाते। 
-बीजेपी के मंत्रियों का घेराव होगा।
-एक के बाद एक देश की सड़कें जाम की जाएंगी। 

सिंघु बॉर्डर पर डटे किसान नेता कंवलप्रीत सिंह पन्नू ने कहा है कि तीनों कृषि कानूनों को रद्द किया जाना चाहिए। यह हमारी मांग है। प्रस्ताव में सिर्फ संशोधन की बात है तो फिर हम उसे खारिज कर देंगे