सरकार ने कोझिकोड विमान हादसे मे मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे का ऐलान किया

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केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी विमान हादसे की जगह पे

केरल के कोझिकोड में हुए विमान हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई. कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं. घायलों का शहर के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है. सरकार की ओर से अब मुआवजे का ऐलान किया गया है. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसकी जानकारी दी है. 12 साल से ऊपर के मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा. 12 साल से कम उम्र के मृतकों के परिजनों के लिए पांच लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया गया है.

विमान हादसे में गंभीर रूप से घायलों को 2-2 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. वहीं, मामूली रूप से घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे. एयर इंडिया ने जानकारी दी है कि घायलों की हर संभव मदद की जा रही है. सूचना के लिए पैसेंजर इंफॉर्मेशन सेंटर बनाया गया है. 1800222271 इस टोल फ्री नंबर पर कॉल करके आप यात्रियों के संबंध में जानकारी ले सकते हैं.

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और मुख्यमंत्री पिनारई विजयन ने आज (शनिवार) कोझिकोड मेडिकल कॉलेज का दौरा किया. विमान हादसे में घायल हुए कई लोगों का इलाज मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भी चल रहा है. वहीं, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और वी मुरलीधरन भी आज घटनास्थल पर पहुंचे और अधिकारियों से जानकारी ली.

विमान हादसे के चश्मदीद ASI अजीत सिंह ने बताया, ‘मैं 7:30 बजे तीसरे राउंड के लिए निकला था. मैं इमरजेंसी फायर गेट पर पहुंचा, वहां ASI मंगल सिंह ड्यूटी पर थे. मैंने उनसे बिल बुक मांगी साइन करने के लिए. फिर मैं उनसे बात करने लगा, तभी मैंने देखा कि ऊपर से एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक फ्लाइट डिस्बैलेंस होकर नीचे पैरामीटर रोड की तरफ गिर रही है. तभी मैंने तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित किया, तब तक प्लेन नीचे गिर चुका था.’

उन्होंने आगे कहा, ‘मैंने शिफ्ट आईसी को कॉल किया, लाइन में कॉल किया. उसके बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी, फायर, हमारी सीआईएसएफ की टीम और लाइन मेंबर्स रेस्क्यू के लिए आ गए. तुरंत हमने गेट नंबर एक को खोला. 25-30 वॉलंटियर्स अंदर आए. एक जेसीबी अंदर आई, मलबे के नीचे से लोगों को तुरंत निकाला गया. हम CISF वाले प्लेन के अंदर से पैसेंजर्स को रेस्क्यू कर रहे थे, उन्हें बाहर निकाल रहे थे. गेट नंबर एक से ही एंबुलेंस आईं और रेस्क्यू करके उन्हें एंबुलेंस में से जाया जा रहा था.’