सुशांत की फॉरेंसिक रिपोर्ट पर कंगना का बड़ा बयान ‘ऐसे ही नहीं कोई अचानक से उठकर सुसाइड करता है’

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सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड केस में जबसे एम्स द्वारा फॉरेंसिक रिपोर्ट जारी की गई है तबसे इस रिपोर्ट को लेकर बवाल खड़ा हो गया है. सुशांत के परिवारवाले और फैन्स का अभी भा ऐसा मानना है कि सुशांत ने सुसाइड नहीं की है उनकी हत्या की गई है. जबकी मुंबई पुलिस ने एम्स की रिपोर्ट को सही करार देते हुए कहा है कि उन्होंने जो बातें अपनी जांच में बताई थीं वहीं एम्स की फॉरेंसिक रिपोर्ट में भी सामने आया है. मगर एक्ट्रेस कंगना रनौत को ये फॉरेंसिक रिपोर्ट हजम नहीं हो रही है. उन्होंने इस संदर्भ में लंबा पोस्ट लिखा है.

कंगना रनौत ने अपने ट्वीट में लिखा- जवान और प्रतिभाशाली लोग ऐसी ही एक दिन नहीं उठ जाते हैं और खुद को मार लेते हैं. सुशांत कहता था कि उसे धमकाया जाता था और आउटकास्ट कर दिया जाता था. उसे अपने भविष्य से डर लगने लगा था. उसे डर था मूवी माफिया से. उसे डर था कि कहीं उसे प्रताड़ना ना झेलनी पड़े. जब उसपर रेप का झूठा इल्जाम लगाया गया उस समय वो मेंटली डिस्टर्ब हो गया था.

इस नए अपडेट्स के बाद हमारे मन में कुछ ऐसे सवाल हैं जिनके बारे में हमें जानना है. सुशांत ने कुछ मीडिया हाउसेज का नाम लिया था जिन्होंने अपने यहां सुशांत को काम देने से मना कर दिया था. वो प्रोडक्शन हाउस कौन से थे? मीडिया ने क्यों सुशांत पर रेप का इल्जाम लगाया कि वो रेपिस्ट है. महेश भट्ट कौन होते हैं सुशांत सिंह राजपूत का साइकोएनालिसिस करने वाले?

कंगना ने कहा कि सुशांत ने खुले तौर पर ये कहा था कि यशराज फिल्म्स के साथ उसकी अच्छी नहीं बन रही है. ये भी एक फैक्ट है कि बड़े प्रोडक्शन हाउसेज ने उसे बैन कर दिया था. उसकी अच्छी फिल्मों को भी अहमियत नहीं दी जा रही थी. ये सब बातें इस बात की तरफ संकेत करती हैं कि सुशांत के खिलाफ साजिश रची जा रही थी. वो कहता था सोशल मीडिया पर लोगों से कि उसकी फिल्में देखो वरना उसे इंडस्ट्री से बाहर निकाल दिया जाएगा. सुशांत के परिवार वालों ने पुलिस को बताया था कि एक्टर का जीवन खतरे में है. सुशांत खुद फिल्में छोड़ अपने जीवन की शुरुआत नए सिरे से करना चाहता था.

कंगना ने सबसे पहले उठाई थी आवाज

बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत ने 14 जून को अपने बांद्रा स्थित निवास पर पंखे से लटककर जान दे दी थी. इसके बाद कंगना रनौत वो पहले एक्ट्रेस थीं जिन्होंने इंडस्ट्री में नेपोटिज्म और ग्रुपिज्म को सुशांत की मौत का जिम्मेदार ठहराया था. कंगना अभी भी अपनी बात पर अड़ी हुई हैं और वे सुशांत केस में इंसाफ चाहती हैं.