UNSC में भारत ने कहा – ‘अफगानिस्तान में समावेशी व्यवस्था की हो स्थापना, अफगान समाज के हर वर्ग का हो प्रतिनिधित्व’

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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) की बैठक में भारत (India) ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय (International Community) और क्षेत्र के देशों को एक साथ आने का आग्रह किया है, ताकि अफगानिस्तान (Afghanistan) में पक्षपातपूर्ण हितों से ऊपर उठकर अफगानिस्तान में समावेशी व्यवस्था को स्थापित किया जा सके. भारत ने कहा कि ये व्यवस्था अफगान समाज के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व करती हो. तालिबान (Taliban) के कब्जे के बाद जिस अंतरिम सरकार का ऐलान किया गया है, उसमें महिलाओं और अल्पसंख्यक समुदाय की भागीदारी नहीं है.

संयुक्त राष्ट्र में भारत के दूत टीएस त्रिमूर्ति (TS Tirumurti) ने बुधवार को अफगानिस्तान पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कहा, भारत अफगानिस्तान (India-Afghanistan) के लोगों को अति आवश्यक सहायता के त्वरित प्रावधान को सक्षम करने की दिशा में काम करने के लिए अन्य हितधारकों के साथ समन्वय करने का इच्छुक है. इस बात पर जोर देते हुए कि हाल के सालों में अफगानिस्तान ने पहले ही बहुत रक्तपात और हिंसा देखी है, त्रिमूर्ति ने कहा, अफगानिस्तान की आधी से अधिक आबादी खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहा है. लोगों को आपातकालीन स्तरों पर संकट का सामना करना पड़ रहा है. अफगान के लोगों को बुनियादी खाद्य जरूरतों को पूरा करने के लिए तत्काल मानवीय सहायता की आवश्यकता है.

फंसे हुए लोगों को निकालना हमारी प्राथमिकता
राजदूत ने इस बात पर भी जोर दिया कि पिछले दो दशकों में भारत ने अफगानिस्तान के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. त्रिमुर्ति ने कहा, भारत में हजारों अफगान पुरुषों और महिलाओं को अपनी शिक्षा जारी रखने के लिए शैक्षिक छात्रवृत्तियां देना जारी है. उन्होंने कहा, हमारी तात्कालिक प्राथमिकताओं में से एक फंसे हुए लोगों को निकालने के साथ-साथ उनकी मुक्त आवाजाही सुनिश्चित करना है. राजदूत ने इस बात पर भी जोर दिया कि अफगानिस्तान पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की तीसरी क्षेत्रीय सुरक्षा वार्ता में अपनाई गई अफगानिस्तान पर दिल्ली की घोषणा अफगानिस्तान पर क्षेत्रीय सहमति को दर्शाती है. साथ ही इसका अंतरराष्ट्रीय समुदाय और अफगानिस्तान सहित प्रमुख हितधारकों द्वारा स्वागत किया गया है.

अगले साल मार्च में अफगानिस्तान के भविष्य पर होगी चर्चा
त्रिमूर्ति ने कहा, जब परिषद मार्च 2022 में अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमए) के भविष्य के बारे में निर्णय लेगी, तो इसका ध्यान अफगान लोगों के कल्याण और अपेक्षाओं पर केंद्रित होना चाहिए. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बुधवार (स्थानीय समयानुसार) को अफगानिस्तान की स्थिति पर बैठक बुलाई. बैठक में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. इससे पहले भारत में अफगानिस्तान संकट पर भारत में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार लेवल की बैठक का आयोजन किया गया.