सर्दियों के मौसम में बीजेपी सांसद के इस बयान से बिहार की सियासत का पारा चढ़ाया..

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सर्दियों के मौसम में बिहार की सियासत काफी गर्म हैं. खासकर बीजेपी सदन से लेकर सड़क तक लगातार सरकार को घेरने की कोशिश में लगी हुई है जी हाँ सारण में जहरीली शराब पीने की वजह से कई लोगों की मौत हो गई है इसी बीच बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता और राज्य सभा सांसद सुशील मोदी ने नीतीश कुमार से हैरान कर देने वाली एक बड़ी मांग कर दी है.

मुख्यमंत्री की कुर्सी उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को सौंप दे

दरअसल सुशील मोदी ने नीतीश कुमार से आग्रह किया है की नीतीश जी अपनी कुर्सी छोड़ दे और मुख्यमंत्री की कुर्सी उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को सौंप दे अगर ऐसा कर देते है नीतीश कुमार तो बिहार में अवैध शराब का धंधा भी बंद हो जाएगा और जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत भी रुक जाएगी. जाहिर है सुशील मोदी ने दिलचस्प मांग नीतीश कुमार से कर दी है लेकिन इसके पीछे जो वजह बताई है वो भी रोचक है. सुशील मोदी ने कहा कि बिहार में अवैध शराब के धंधे में राजद समर्थक शामिल है और अगर तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनते है तो शायद राजद समर्थक जो अवैध शराब का कारोबार कर रहे है उन्हें समझा सके जिससे जहरीली शराब बिकना बंद हो जाए. सुशील मोदी जहरीली शराब से मरने वाले लोगों के परिवार वालों के लिए उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा 42 में 4-4 लाख मुआवजे का प्रावधान का हवाला देकर मुआवजा की मांग कर रहे है.

सुशील मोदी कहते है कि छपरा जहरीली शराब कांड में मरने वालों की संख्या 100 पार कर चुकी है जिसमे मरने वाला अधिकांश अत्यंत गरीब तथा दलित अति पिछड़ा है. 2016 में गोपालगंज के खजूरबन्नी में 19 लोगों की मौत हो गई थी जबकि बिहार सरकार ने भारत सरकार को जो रिपोर्ट भेजी है उसके अनुसार 2016 में 6 मौत हुई है. सुशील मोदी कहते है की खजूरबन्नी में मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि यदि जहरीली शराब से मौत प्रमाणित हो गई तो चार लाख मुआवजा दिया जाएगा. बिहार उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा 42 में 4-4 लाख भुगतान का प्रावधान है तो फिर सारण के मृतक परिवारों को मुआवजा क्यों नहीं दिया जा सकता है.

फ़िलहाल सुशील मोदी के तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने और जहरीली शराब पीने वाले के परिवार वालों को चार-चार लाख रुपया मुआवजा देने की बात पर जदयू MLC खालिद अनवर कहते है कि राजनीति से बाज आए सुशील मोदी. दरअसल सुशील मोदी बेचैन आत्मा है उनको अपनी पार्टी में कोई पूछ तो मिल नहीं रही है कुछ भी अनाप शनाप बोल मीडिया में बने रहना चाहते है , जब ख़ुद सरकार में थे तब कितनो को मुआवजा दिया था.