Hariyali Teej 2021: रेलविहार की महिलाओं ने रॉयल तरीके से मनाई हरियाली तीज, जानें महिलाओं के लिए क्यों खास होता है यह पर्व

1001

हिन्दु पंचांग के अनुसार आज श्रावण महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि। श्रावण शुक्ल की तृतीया तिथि को हरियाली तीज के नाम से जाना जाता है। हरियाली तीज का पर्व महिलाओं के सबसे प्रिय पर्वों में से एक है। इस दिन व्रत रखकर सुहागिन स्त्रियां अपने पति की लंबी आयु की कामना करती हैं। हरियाली तीज पर व्रत रखने का विधान है। जिसे निर्जला व्रत भी कहते हैं।

हरियाली तीज का व्रत सबसे कठिन व्रतों में से एक माना गया है। व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। सावन के महीने का ये विशेष पर्व है, जो सुहागिन स्त्रियों को समर्पित है।

नव-अंशिका फाउंडेशन संस्था की ओर से बुधवार को हरियाली तीज पर सतरंगी कार्यक्रम गोमती नगर के रेल विहार परिसर के मंदिर प्रांगण में हुआ। इसमें सभी महिलाएं हरे थीम पर श्रंगार कर शामिल हुईं। सबसे पहले महादेव की गौरा और गणपति संग स्तुति की गई। उसके बाद पारंपरिक लोकगीत “नन्ही नन्ही बुंदिया रे सावन का मेरा झूलना”, “झूला धीरे से झुलावो सुकुमारी सिया है”, “पिया मेंहदी सुहाय”, “झूला तो पड़ गये अमुवा की डार पै” गाए गए। उत्साहित महिलाओं ने गानों पर सुंदर नृत्य भी किया।

इस अवसर पर मंदिर परिसर को भी आकर्षक रूप से सजाया गया था। नव-अंशिका फाउंडेशन संस्था की अध्यक्षा नीशू त्यागी ने संचालन में हुए इस कार्यक्रम में शामिल डॉ.शालिनी दत्त, रेनू जोशी, प्रीति शर्मा, प्रतिमा नायर, डॉ.संगीता पाण्डेय, प्रो.लाली प्रिया, रिचा को आकर्षक श्रंगार के लिए रॉयल तीज फैमिली का खिताब भी दिया गया।