किसान आंदोलन को लेकर नितिन गडकरी का बयान – आंदोलन को मिसगाइड और किसानों को कन्फ्यूज करने की कोशिश कर रहे हैं कुछ लोग

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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि मौजूदा सरकार ने किसानों के हित में ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसल का उचित दाम मिलना चाहिए इसलिए सरकार हर स्तर पर प्रयास कर रही है। इस आंदोलन को मिसगाइड करके और किसानों को कन्फ्यूज करने की कोशिश की जा रही है। किसानों को ऐसे तबकों से सावधान रहना चाहिए। स्वाधीनता के बाद पिछले 6 साल में हमारी सरकार ने किसानों के लिए जितना काम किया है.. पैसा दिया है उतना पिछली किसी सरकार ने नहीं किया है। गडकरी ने इंडिया टीवी से एक्सक्लूसिव बातचीत में ये बातें कही।

नितिन गडकरी ने कहा कि पहले ये बंधन था कि किसान अपने माल को मंडी में ही बेच सकते हैं। लेकिन अब ऐसी बाध्यता नहीं होगी जहां भी उसे ज्यादा कीमत मिलेगी वह अपना उत्पाद वहां बेच सकता है। उन्होंने कहा कि जब कन्विंस करने की क्षमता खत्म हो जाती है तो लोग कन्फ्यूज करते हैं।

एक सवाल के जवाब में गडकरी ने कहा कि कृषि को कॉरपोरेट के हाथों में देने की बात पूरी तरह से झूठ है। गडकरी ने कहा कि बटाई पर खेती की प्रथा है और दो से तीन साल का कॉन्ट्रैक्ट होता है। जमीन तो किसान के नाम पर ही रहेगी। कॉन्ट्रैक्ट फॉर्मिंग को लेकर झूठ फैलाया जा रहा है। पूरी तरह से किसानों को गमराह करने के लिए तरह-तरह की बात कही जा रही है। क्या दलालों और बिचौलियों के चंगुल से किसानों को मुक्त नहीं करना चाहिए?

हमने किसानों को पूरी तरह से प्रोटेक्ट किया है। सरकार पूरी तरह से किसानों के साथ खड़ी है। विभिन्न दलों के नेताओं ने संसद में अपने सुझाव रखे थे और सबको शामिल किया गया। इस आंदोलन को मिसगाइड करके और किसानों को कन्फ्यूज करने की कोशिश की जा रही है। किसानों को ऐसे तबकों से सावधान रहना चाहिए। स्वाधीनता के बाद पिछले 6 साल में हमारी सरकार ने किसानों के लिए जितना काम किया है.. पैसा दिया है उतना पिछली किसी सरकार ने नहीं किया है।

किसानों को आंदोलन का अधिकार है और सरकार किसानों के हित के लिए कटिबद्ध है लेकिन कुछ लोग किसानों के आंदोलन के नाम पर अपने एजेंडे को आगे लाना चाहते हैं। किसान ऐसे तत्वों से सावधान रहें। सब लोगों ने देखा कि आंदोलन में किस तरह की तस्वीरें लगाई गई। कुछ तत्व हैं जो इस आंदोलन को मिसगाइड करने में लगे हुए हैं।