किसान आंदोलन: सरकार से बात करने के लिए सिंघु बॉर्डर से रवाना हुए 35 किसान नेता, थोड़ी देर में शाह-अमरिंदर की होगी मुलाकात

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कृषि कानूनों के खिलाफ सड़कों पर उतरे किसानों का आंदोलन लगातार आठवें दिन जारी है। इस आंदोलन की आग लगातार फैलती जा रही है। पिछली बार की विफल बातचीत के बाद आज दोबारा किसानों और सरकार के बीच वार्ता होगी। उम्मीद जताई जा रही है कि इससे कोई हल निकल सकता है। आंदोलन के कारण गुरुवार को लगातार आठवें दिन दिल्ली एनसीआर का यातायात प्रभावित है। कई बॉर्डर अभी भी बंद हैं।

किसान मजदूर संघर्ष समिति के एसएस सुभरण ने कहा, ‘केंद्र किसानों को बांटने की कोशिश कर रहा है। जब तक पीएम मोदी सभी 507 किसान यूनियनों के नेताओं के साथ बैठक नहीं करेंगे सरकार द्वारा बुलाई गई किसी भी बैठक में शामिल नहीं होंगे।’

कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। किसानों को आज केंद्र सरकार के साथ होने वाली बैठक से काफी उम्मीदें हैं। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “हमें उम्मीद है कि फैसला हमारे हक में जाएगा। इतनी संख्या में किसान पंजाब, हरियाणा, यूपी से यहां पहुंच रहे हैं।”

गुजरात से आया किसानों का एक समूह कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहा है। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “हम टीवी पर देख रहे थे कि ये आंदोलन हरियाणा और पंजाब का है, लेकिन ये आंदोलन पूरे हिन्दुस्तान के किसानों के लिए चल रहा है। हम इस आंदोलन का समर्थन करने आए हैं।”

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह चंडीगढ़ से दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं। आज वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे।