Eid 2021: सऊदी अरब में नहीं दिखा चांद, शावाल की पहली तिथि को होगी ईद

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    दुनिया भर में मुस्लिम समुदाय ईद-अल-फितर के पवित्र त्योहार को मनाने की तैयारी में जुटा है। सऊदी अरब में रमजान की 29 तारीख यानी मंगलवार को ईद का चांद नजर नहीं आया। लिहाजा 30वें रमजान का चांद देखते हुए गुरुवार को शावाल की पहली तिथि को ईद होगी। सामान्य तौर पर सऊदी में चांद नजर आने के दूसरे दिन भारत में चांद रात की परंपरा रही है। उस लिहाज से भारत में शुक्रवार को ईद होगी। उलेमाओं ने मुसलमानों से बुधवार को ईद का चांद देखने की अपील की है।

    ईद-उल-फितर का त्योहार चांद के निकलने पर निर्भर करता है। इस वर्ष चांद 12 मई यानी  बुधवार को निकलता है तो उसके अगले दिन 13 मई यानी गुरुवार को ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाएगा। यदि चांद 13 मई को निकलता है, तो पूरे देश में ईद-उल-फितर का त्योहार 14 मई दिन शुक्रवार को मनाया जाएगा। सही तारीख का निर्धारण चांद के निकलने पर ही निर्भर है।

    दरअसल, इस्लामिक कैलेंडर चांद पर आधारित है। चांद के दिखाई देने पर ही ईद या प्रमुख त्योहार मनाए जाते हैं। रमजान के पवित्र माह का प्रारंभ चांद के देखने से होता है और इसका समापन भी चांद के निकलने से होता है। रमजान के 29 या 30 दिनों के बाद ईद का चांद दिखता है।

    मान्यताओं के अनुसार, पैगंबर मुहम्मद साहब के नेतृत्व में जंग-ए-बद्र में मुसलमानों की जीत हुई थी। जीत की खुशी में लोगों ने ईद मनाई थी और घरों में मीठे पकवान बनाए गए थे। इस प्रकार से ईद-उल-फितर त्योहार का प्रारंभ जंग-ए-बद्र के बाद से ही हुआ था। ईद-उल-फितर के दिन लोग अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं। उनका मानना है कि उनकी ही रहमत से वे पूरे एक माह तक रमजान का उपवास रख पाते हैं। आज के दिन लोग अपनी कमाई का कुछ हिस्सा गरीबों में बांट देते हैं। उनको उपहार में कपड़े, मिठाई और भोजन आदि देते हैं।