रूस-यूक्रेन के जंग का असर: अन्तराष्ट्रीय बाज़ार से लेकर घरेलू बाज़ार का हुआ बुरा हाल

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world economy in distress due to ukraine-russia tensions
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रूस की ओर से यूक्रेन पर सैन्य कार्रवाई के ऐलान ने दुनिया की नींद उड़ा दी है। करेंसी की बात हो या गोल्ड या फिर कच्चे तेल की कीमत, हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है। 

कच्चे तेल का हाल: कच्चे तेल की कीमतों में करीब 7 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी हुई है। फिलहाल, कच्चे तेल की कीमत 103 डॉलर प्रति बैरल हो गई है। ये करीब 8 साल का उच्चतम स्तर है। कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी का मतलब है कि आने वाले दिनों में घरेलू स्तर पर ईंधन के दाम बढ़ेंगे। आपको बता दें कि भारत की कच्चे तेल की 75 फीसदी से ज्यादा निर्भरता आयात पर है।

गोल्ड का हाल: रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग के बीच गोल्ड की कीमतें भी साल के उच्चतम स्तर पर हैं। MCX पर प्रति 10 ग्राम सोने की कीमत में 1,400 रुपए से ज्यादा की तेजी आई और ये उछलकर 51,800 रुपए के पार पहुंच गया। 

रुपये का हाल: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 60 पैसे लुढ़क गया। डॉलर के मुकाबले भारतीय करेंसी 75.16 रुपया पर है। बता दें कि रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 75.02 पर खुला, और फिर पिछले बंद भाव से 55 पैसे की गिरावट दर्ज करते हुए 75.16 पर आ गया। केडिया एडवाइजरी के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय केडिया के मुताबिक रुपया की स्थिति और बदतर हो सकती है। भारतीय करेंसी 76.40 रुपए प्रति डॉलर के स्तर को छू सकता है।

क्रिप्टो करेंसी का हाल: रूस और यूक्रेन के जंग से क्रिप्टो मार्केट भी अछूता नहीं रहा। चर्चित क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin में करीब 10 फीसदी की गिरावट आई है और यह 34,618 डॉलर के स्तर पर पहुंच गई है। ये माह का निचला स्तर है। बिटक्वॉइन के अलावा ईथर, डॉगक्वॉइन और दूसरी क्रिप्टोकरेंसीज में गिरावट देखने को मिली। 

रूस का शेयर बाजार: यूक्रेन से जंग के ऐलान के बाद रूस के मॉस्को स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेडिंग को सस्पेंड कर दिया गया। हालांकि, कुछ देर बाद ट्रेडिंग शुरू हुई तो रूस के शेयर बाजार में 30 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई। वहीं,  रूस की करेंसी रूबल ने भी दम तोड़ दिया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रूबल 10 फीसदी तक गिरा, जो अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है।

धड़ाम हुआ भारत का शेयर बाजार:  सेंसेक्स 2702.15 अंक या 4.72 फीसदी लुढ़क कर 54,529.91 अंक के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह, निफ्टी 815.30 अंक या 4.78 फीसदी टूटकर 16,247.95 अंक के स्तर पर ठहरा। 

गेहूं से सोया तक महंगा: गेहूं के दाम नौ साल के उच्चतम स्तर पर हैं। इसके अलावा सोयाबीन के दामें भी तेजी आई है। सोयाबीन भी 2015 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।