दिल्ली में कम होता नज़र आया वायु प्रदूषण, फिर भी सांस लेना मुश्किल

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देश की राजधानी दिल्ली में ठंड बढ़ने के साथ ही वायु प्रदूषण भी बढ़ता जा रहा है. सुबह आलम ये रहता है कि विजिबिलीटी काफी कम रहती है. लेकिन शुक्रवार को प्रदूषण पहले से बेहतर स्थिति में पाया गया. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार शुक्रवार को ओखला फेज़- 2 में एयर क्वालिटी बहुत खराब श्रेणी में दर्ज की गयी जोकि अभी तक गंभीर की श्रेणी में दर्ज की जा रही थी. हालांकि लोगों को सांस लेने में आने वाली दिक्कतें अभी भी बरकरार है.

वहीं दिल्ली से सटे नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद में गुरुवार को वायु गुणवत्ता बेहद खराब की श्रेणी में बरकरार रही, जबकि गुड़गांव में यह खराब रही. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के अनुसार इन पांच पड़ोसी शहरों में पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे बड़े वायु प्रदूषकों की मात्रा अधिक रही.

उल्लेखनीय है कि 0 और 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा, 51 और 100 के बीच संतोषजनक, 101 और 200 के बीच मध्यम, 201 और 300 के बीच खराब, 301 और 400 के बीच बेहद खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर (आपात) श्रेणी में माना जाता है.

बोर्ड के अनुसार सीपीसीबी के समीर ऐप पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आने वाले दिल्ली के पड़ोसी शहरों में दोपहर चार बजे तक पिछले 24 घंटे का वायु गुणवत्ता सूचकांक गाजियाबाद में 328, ग्रेटर नोएडा में 327, नोएडा में 305, फरीदाबाद में 304, गुड़गांव में 293 दर्ज किया गया. बुधवार को यह गाजियाबाद में 360, ग्रेटर नोएडा में 340, फरीदाबाद में 327, नोएडा में 309 और गुड़गांव में 288 था.

मंगलवार तक दिल्ली के इन सभी पांच शहरों में वायु गुणवत्ता पिछले एक सप्ताह से गंभीर श्रेणी में थी. बोर्ड के अनुसार नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुड़गांव में पीएम 2.5 और पीएम 10 मुख्य प्रदूषक रहे हैं.