दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के चलते 26 नवंबर तक ट्रकों की एंट्री बैन, प्राइवेट दफ्तरों को शुक्रवार तक WFH की सलाह

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सरकार ने इसके साथ-साथ प्राइवेट दफ्तरों और प्रतिष्ठानों को सलाह दी है कि वह अपने कर्मचारियों को 26 नवंबर तक वर्क फ्रॉम होम (WFH) करवाएं ताकि सड़क पर वाहनों की आवाजाही कम से कम हो. बता दें कि केंद्र सरकार के वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 21 नवंबर तक दिल्ली के अंदर ट्रकों की एंट्री को प्रतिबंधित करने और सरकारी दफ्तरों को बंद करके वर्क फ्रॉम होम के लिए निर्देश दिए थे. दिल्ली सरकार ने उन सभी निर्देशों का पालन करने के बाद अब अपनी तरफ से प्रतिबंध को आगे बढ़ाते हुए आदेश जारी कर दिए हैं।

वहीं, अकारियों ने बताया कि दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय शहर में उच्च प्रदूषण स्तर पर काबू पाने के लिए लगायी गयी पाबंदियों की समीक्षा के लिए सोमवार को उच्चस्तरीय बैठक करेंगे. अतिरिक्त शिक्षा निदेशक रीता शर्मा ने रविवार को कहा, ‘पर्यावरण विभाग ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के अगले आदेश तक एनसीआर और उसके आसपास के क्षेत्रों में सभी विद्यालयों को बंद करने का निर्देश दिया है. इसलिए अगले आदेश तक सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद रहेंगे.’

शहर में 20 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवा चलने से प्रदूषक आंशिक रूप से छितरा गये और दृश्यता में सुधार आया. राष्ट्रीय राजधानी में 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 349 रहा, जबकि शनिवार को एक्यूआई 374 थी. फरीदाबाद में एक्यूआई 377, गाजियाबाद में 319, गुड़गांव में 364 और नोएडा में एक्यूआई 364 रहा जो, ‘बेहद खराब’ की श्रेणी में आता है.

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के वायु गुणवत्ता निगरानीकर्ता ‘सफर’ की ओर से कहा गया है, ‘चूंकि पराली जलाने की घटनाएं घट रही हैं, ऐसे में दिल्ली में पीएम 2.5 (प्रदूषण) में पराली संबंधी प्रदूषकों का हिस्सा सोमवार को तेज हवा के बावजूद नगण्य रह सकता है.’ दिल्ली में रविवार को प्रदूषण के पीएम 2.5 में पराली जलाने का हिस्सा आठ फीसद रहा. सफर के अनुसार अगले दो दिनों के दौरान वायु गुणवत्ता सुधर सकती है, लेकिन 24 नवंबर से तापमान और हवा की गति घटने से प्रदूषण बढ़ सकता है.