DGP कॉन्फ्रेंस : पीएम मोदी ने की पुलिस तकनीकी मिशन के गठन की घोषणा, स्मार्ट बनेगी खाकी

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    PM-Narendra-Modi-attended-the-56th-DGP-conference
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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में केंद्रीय गृहमंत्री के नेतृत्व में उच्चाधिकार प्राप्त पुलिस तकनीकी मिशन का गठन होगा। यह जमीनी स्तर पर पुलिसिंग की जरूरतों को पूरा करने के लिए भविष्य की तकनीकों को अपनाने में मददगार साबित होगा। राजधानी में 56वीं डीजीपी कॉन्फ्रेंस के समापन समारोह में प्रधानमंत्री ने बदलते वक्त के साथ पुलिसिंग में बदलाव की जरूरत बताई।

    प्रधानमंत्री ने पुलिस के रोजमर्रा के काम में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए हैकेथॉन का आयोजन कर तकनीक में कुशल व प्रतिभाशाली युवाओं को चुनने तथा उन्हें तकनीकी समाधान का काम सौंपने का सुझाव दिया। ऐसी तकनीकों को विकसित करने पर जोर दिया, जिनका परस्पर इस्तेमाल हो सके और पूरे देश के पुलिस बल को लाभ हो। उन्होंने सामान्य नागरिकों के जीवन में तकनीक के महत्व को रेखांकित करने के लिए कोविन, जेम और यूपीआई के उदाहरण दिए।

    थानों की कार्यशैली में सुधार की जरूरत
    पीएम ने कहा कि पुलिस की इमेज थानों से बनती है, इसलिए थानों की कार्यशैली में सुधार की अभी काफी गुंजाइश है। थानों को जितना बेहतर कीजिएगा पुलिस की छवि उतनी ही अधिक निखरती जाएगी।

    प्रधानमंत्री ने ये सुझाव दिए
    स्मार्ट पुलिसिंग की समीक्षा करें। बदलाव लाएं व संस्थागत करें।
    पुलिस की पुरानी पद्धति में बदलाव की जरूरत। नई और पुरानी पद्धति का समावेश हो।
    दूसरे राज्य की गुड प्रैक्टिसेस (अच्छे कामों को) को प्रोत्साहित किया जाए।
    ड्रोन का प्रयोग मोबिलिटी और ट्रांसपोर्टेशन में भी किया जाए।
    19 घंटे डीजीपी मुख्यालय में रहे प्रधानमंत्री
    इस तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 और 21 नवंबर को मिलाकर कुल 19 घंटे डीजीपी मुख्यालय में रहे। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने 25 घंटे बिताए।

    मंच पर नजर नहीं आए गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र ‘टेनी’
    केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्र उर्फ टेनी डीजीपी सम्मेलन के समापन के मौके पर नजर नहीं आए। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार वे शनिवार को भी कुछ क्षणों के लिए ही सम्मेलन में शामिल हुए थे। उसके बाद से नजर नहीं आए। यहां तक कि प्रधानमंत्री के साथ हुए फोटो सेशन में भी वे मौजूद नहीं थे। जबकि गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय और निशिथ प्रमाणिक मौजूद थे। लखीमपुर हिंसा में बेटे की गाड़ी से किसानों के कुचले जाने के बाद से ही वे विवादों में हैं।