भारत में लगातार गिर रहा कोरोना का ग्राफ, एक दिन में सामने आए 6396 केस, 13450 मरीज हुए ठीक

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Third wave of covid-19 in India

देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) की रफ्तार लगातार कम हो रही है. ताजा आंकड़ों में पता चला है कि एक दिन के भीतर संक्रमण के 6396 नए मामले सामने आए हैं. जिसके बाद कुल मामलों की संख्या 4,29,51,556 हो गई है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, सक्रिय मामले (Covid Active Cases) घटकर अब 69,897 हो गए हैं. वहीं बीते 24 घंटे में 201 मरीजों ने वायरस (Covid-19) के कारण अपनी जान गंवाई है. जिसके बाद मृतकों की कुल संख्या 5,14,589 पहुंच गई है.

लगातार 25 दिनों से भारत में प्रतिदिन एक लाख से कम कोविड-19 मामले दर्ज किए जा रहे हैं. इस दौरान 13,450 रिकवरी हुई हैं. अब देश में रिकवरी का कुल आंकड़ा 4,23,67,070 हो गया है. वहीं कुल वैक्सीनेशन 1,78,29,13,060 है. सरकार के अनुसार, कोविड-19 के दैनिक मामले अब 10 हजार से कम हो गए हैं. स्वास्थ्य संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने गुरुवार को जानकारी दी कि वैश्विक स्तर पर देखें, तो बीते एक हफ्ते में 15 लाख से अधिक मामले सामने आए हैं. वहीं भारत में जनवरी महीने में रोजाना तीन लाख से अधिक मामले दर्ज हो रहे थे. अब यही आंकड़ा औसतन 96.4 फीसदी के हिसाब से कम होकर एक हफ्ते में 11,000 मामलों पर आ गया है.

मृत्यु दर दुनिया में ज्यादा रही
कोरोना से मृत्यु के आंकड़े की बात करें, तो दुनियाभर में रोजाना 7787 मौत हुई हैं, जबकि भारत में 2 से 8 फरवरी के बीच 615 मौत दर्ज की गई हैं. जबकि बीते हफ्ते 144 मौत दर्ज की गई थीं. देश में कोरोना की रफ्तार के कम होने के पीछे की बड़ी वजह टीकाकरण है. इस समय दुनिया के कई देश कोरोना वायरस की नई लहर का सामना कर रहे हैं. ICMR के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव के मुताबिक, कोविड-19 वैक्सीन की पहली डोज 98.9 फीसदी प्रभावशीलता के लिए जिम्मेदार है, जबकि दूसरी डोज 99.3 फीसदी प्रभावी होती है.

बाकी देशों में बढ़ रहे मामले
हांगकांग में हालात इतने खराब हैं कि अस्पतालों को पार्किंग और दूसरे स्थानों पर मरीजों का इलाज करना पड़ रहा है. इसके अलावा न्यूजीलैंड में भी भारी संख्या में मामले मिल रहे हैं. वो भी तब, जब ये देश शुरुआत में महामारी को नियंत्रित करने में कामयाब रहा था. लेकिन अब अर्थव्यवस्था की गाड़ी दोबारा चलाने के लिए सरकार ने प्रतिबंधों में ढिलाई करना शुरू कर दिया है. जबकि कुछ प्रतिबंध हटा दिए गए हैं. लेकिन फिर भी मामलों में कमी देखने को नहीं मिल रही है.