मुख्यमंत्री केजरीवाल आज किसान नेताओं से करेंगे मुलाकात, कृषि बिलों पर होगी चर्चा

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CM Kejriwal Meeting on Omicron

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज किसानों के साथ दोपहर के भोजन के समय चर्चा करेंगे। दिल्ली विधान सभा में होने वाली चर्चा में दिल्ली समेत आंदोलन में शामिल किसान संगठनों को भी बुलाया गया है। इस मौके पर खेती-किसानी पर चर्चा करने के साथ कृषि के भविष्य पर भी बात होगी। 

आम आदमी पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि उनकी पार्टी शुरू से ही कृषि कानूनों की विरोधी रही है। बिल पास होने के दौरान सबसे पहले राज्यसभा में आप सासंदों ने ही विरोध किया था। वहीं, किसान आंदोलन शुरू होने के बाद दिल्ली सरकार किसानों के साथ खड़ी है। बावजूद इसके केंद्र सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं ले रही है जबकि इन कानूनों से चंद उद्योगपतियों को फायदा होगा।

मुख्यमंत्री लंच पर चर्चा के दौरान किसान नेताओं से कानून की खामियों पर बात करेंगे। साथ ही  किसान नेता अपने दुख-दर्द भी साझा करेंगे। बैठक में मुख्यमंत्री के कैबिनेट सहयोगी भी मौजूद रहेंगे। कृषि कानूनों पर चर्चा करने के साथ इसके विकल्पों पर भी विचार होगा। कानूनों को रद्द करवाने की रणनीति पर भी मुख्यमंत्री चर्चा करेंगे।

इससे पहले केजरीवाल 28 फरवरी को मेरठ में किसान महापंचायत को संबोधित करने की घोषणा कर चुके हैं। आप नेता संजय सिंह ने ट्वीट कर यह जानकारी दी थी। उन्होंने कहा कि सीएम केजरीवाल 28 को किसानों को संबोधित करेंगे। 1857 की क्रांति भूमि मेरठ से किसानों के हक में आवाज उठेगी।

किसान पिछले करीब ढाई महीने से कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। तीनों कानूनों को रद्द करने की मांग पर डटे हुए हैं। इस दौरान किसानों को कई राजनीतिक पार्टियों से समर्थन मिल रहा है। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, आरएलडी, समाजवादी पार्टी समेत कई दल किसान के साथ खड़े हैं। गाजीपुर, शाहजहांपुर और सिंघु बॉर्डर पर भी किसान लगातार धरना प्रदर्शन कर केंद्र सरकार पर तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को वापस लेने किए दबाव बना रहे हैं।

राजनीतिक पंडित बताते हैं आगामी विधानसभा चुनावों में भी पंजाब के कृषि मतदाता निर्णायक भूमिका में होंगे। माना जा रहा है कि इसीलिए आम आदमी पार्टी अभी से ही उन्हें खुश करने में जुट गई है।