दिल्ली पहुंचा सीडीएस जनरल बिपिन रावत व अन्य का पार्थिव शरीर – पीएम मोदी; रक्षा मंत्री ने दी श्रद्धांजलि

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    भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत (General Bipin Rawat) का बुधवार 8 दिसंबर को एक हेलीकॉप्टर क्रैश (Helicopter Crash) में निधन हो गया. वायुसेना (Air Force) के इस हेलीकॉप्टर में क्रू सदस्यों सहित कुल 14 लोग सवार थे, जिसमें जनरल रावत की पत्नी मधुलिका रावत (Madhulika Rawat) के साथ ही कई अन्य वरिष्ट सैन्य अधिकारी थे. हेलीकॉप्टर क्रैश में जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत सहित 13 लोगों की मौत हो गई. चश्मदीदों ने बताया था कि दोपहर करीब सवा 12 बजे हुए इस हेलीकॉप्टर दुर्घटनास्थल (Helicopter Durghatna) से 5 शव निकाले गए थे. जनरल बिपिन रावत सहित तीन लोगों को गंभीर अवस्था में वेलिंगटन के आर्मी अस्पताल (Army Hospital) में भर्ती कराया गया, जहां उनका निधन हो गया. वायुसेना ने शाम करीब 6 बजे उनके निधन की पुष्टी की. इससे पहले इस बहुत ही सुरक्षित माने जाने वाले एमआई 17वी5 हेलीकॉप्टर (MI 17V5 Helicopter) दुर्घटना के बारे में जानकारी मिलते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई. देश के पहले सीडीएस के घायल होने की खबर के बाद मीटिंगों का दौर चला, रक्षामंत्री ने रक्षा मंत्रालय में अधिकारियों के साथ बैठक की, रक्षा मामलों पर कैबिनेट कमेटी की बैठक हुई. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) आज संसद (Parliament) के दोनों सदनों में इस दुर्घटना के बारे में विस्तार से जानकारी दी.

    बता दें कि सीडीएस जनरल बिपिन रावत (CDS Bipin Rawat) और अन्य सैन्य अधिकारियों को ले जा रहा वायुसेना का हेलीकॉप्टर बुधवार को तमिलनाडु (Tamil Nadu) में कुन्नूर के पास नीलगिरी की पहाड़ियों में क्रैश हो गया था. वायु सेना ने बताया कि जनरल बिपिन रावत डिफेंस सर्विसेज स्टॉफ कॉलेज के दौरे पर जा रहे थे, यहां उन्हें शिक्षकों और छात्रों को संबोधित करना था. इस हादसे में क्रू सदस्यों के अलावा सीडीएस जनरल बिपिन रावत, मधुलिका रावत, ब्रिगेडियर एसएस लिद्दर, लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह, नायक गुरसेवक सिंह, नायक जितेंद्र कुमार, लांस नायक विवेक कुमार, लांस नायक बी साई तेजा और हवलदार सतपाल भी सवार थे. एमआई 17वी5 हेलीकॉप्टर को बेहद सुरक्षित हेलीकॉप्टर माना जाता है. इसमें दो इंजन होते हैं और वायुसेना के पायलट जो इसे उड़ा रहे थे वह बेहद प्रशिक्षित और अनुभवी होते हैं, जो किसी भी स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित रखते हुए हेलीकॉप्टर को लैंड कराने के लिए ट्रे़न्ड होते हैं. इसके बावजूद इतनी बड़ी दुर्घटना होना और उसमें सीडीएस बिपिन रावत व 12 अन्य की मृत्यु हो जाना एक बड़ा प्रश्न है, जिसका जवाब जांच के बाद ही पता चलेगा.