बसपा सुप्रीमो मायावती ने आगरा रैली में सपा-भाजपा-कांग्रेस पर बोला हमला

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Mayawati
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सूबे का पारा सातवें आसमान पर है. इस बार चुनाव की शुरुआत पश्चिमी यूपी से हो रही है, इसलिए सभी दलों का फोकस इसी क्षेत्र पर है. सारे दल बड़े जोरशोर से चुनाव प्रचार में जुटे हैं. पहले चरण के लिए मतदान की तारीख नजदीक आते मायावती काफी एक्टिव हो गई हैं. बसपा सुप्रीमो ने आज आगरा में एक रैली को संबोधित किया. इस रैली में मायावती ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी बीजेपी पर जमकर निशाना साधा.

मायावती ने कांग्रेस को दलितों और पिछड़ों के खिलाफ बताया. बसपा सुप्रीमो ने कहा कि अपनी गलत नीतियों के कारण कांग्रेस सिर्फ केंद्र की सत्ता से ही बेदखल नहीं हुई बल्कि यूपी से भी बहुत पहले बाहर हो गई है. वो लोग दलितों और पिछड़ों के खिलाफ हैं. जब वो सरकार में थे, तब उन्होंने डॉ भीमराव अंबेडकर को भारत रत्न नहीं दिया, वो तब जब कि वो इसके लायक थे. उन्होंने कहा कि कांशीराम के देहांत पर उनके सम्मान में कांग्रेस ने एक दिन का भी राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं किया था.

बीजेपी पर हमला करते हुए मायावती ने कहा कि बीजेपी सरकार में धर्म के नाम पर तनाव और नफरत का वातावरण रहा है. प्रदेश में हर सस्तर के अपराध बढ़े हैं, दलित और महिलाएं सुरक्षित नहीं रही हैं. गरीब, मजदूरों और बेरोजगारों के साथ दलित, आदिवासी, मुस्लिम और अल्पसंख्यक के हित और कल्याण की जो योजनाएं चल रही थीं, उनका लाभ नहीं होने दिया. मुस्लिम और अन्य अल्पसंख्यक वर्ग के साथ तो बीजेपी सरकार ने पक्षपात वाला रवैया अपनाया है.

दरअसल उत्तर प्रदेश में करीब 22 प्रतिशत दलित आबादी रहती है ये समुदाय पश्चिमी यूपी की कई सीटों पर सीधा अपना प्रभाव रखते हैं. इतना ही नहीं यूपी की कुल 403 विधानसभा सीटों में से 85 सीटें दलितों के लिए आरक्षित हैं. 2007 के विधानसभा चुनाव में रिजर्व 61 सीट बीएसपी ने जीतकर सरकार बनाई थी. 2012 के चुनाव में एसपी ने 58 सीटें जीतकर सरकार बनाई. 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 69 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी. रिजर्व सीटों पर बसपा का काफी अच्छा जनाधार है लेकिन पिछले दो चुनावों में यहां भी मायावती को नुकसान हुआ है.