बांग्लादेश में सांप्रदायिक तनाव पर विदेश मंत्री बोले – नहीं तोड़ा गया कोई मंदिर और ना हुई रेप की घटना

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हाल के दिनों में बांग्लादेश में हिंदुओं और मंदिरों पर हमले की कई घटनाएं सामने आई हैं. खासतौर पर दुर्गापूजा के दौरान पूजा पंडालों को नुकसान पहुंचाने और पत्थरबाजी के कई वीडियो सोशल मीडिया और मेन स्ट्रीम मीडिया पर छाए रहे हैं. अब इस पर बांग्लादेश सरकार की तरफ से सफाई आई है।

बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. एके अब्दुल मोमीन ने कहा, दुष्प्रचार के उलट हाल की हिंसा में सिर्फ 6 लोगों की मौत हुई है. इसमें से भी 4 मुसलमान थे, जिनकी पुलिस के साथ झड़प में मौत हुई. इनके अलावा दो हिंदुओं की भी मौत हुई है, एक की मौत तो नॉर्मल है, जबकि दूसरे की तालाब में कूदने के कारण मौत हुई.

विदेश मंत्री ने अपने लिखित बयान में कहा, किसी के साथ बलात्कार की घटना नहीं हुई और न ही किसी मंदिर में तोड़फोड़ की गई है. हालांकि, कुछ मूर्तियों को जरूर नुकसान पहुंचा है. ऐसी घटनाओं पर दुर्भाग्यपूर्ण हैं और नहीं होनी चाहिए. सरकार ने इस पर तुरंत एक्शन लिया है. ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों को गिरफ्तार किया गया और अब वे पुलिस की हिरासत में हैं.

20 घरों को जलाया गया था, उन्हें फिर से बनाया गया है और मुआवजा भी दिया गया. अभी और मुआवजा दिया जाएगा. यह बड़े दुख की बात है कि कुछ अति-उत्साही मीडिया और आम लोग इस हिंसा से जुड़ी पकी-पकाई खबरों को फैला रहे हैं, ताकि सरकार को नीचा दिखा सकें और देश में धार्मिक सौहार्द को बिगाड़ सकें.

उन्होंने अपने इस स्टेटमेंट में कहा, कथित तौर पर एक ड्रग-एडिक्ट पवित्र कुरान देवी दुर्गा के चरणों पर छोड़ गया, उस समय वहां कोई भी अन्य भक्त और पूजा पंडप के ऑर्गेनाइजर मौजूद नहीं थे. एक अन्य व्यक्ति ने इसकी तस्वीर लेकर सोशल मीडिया पर डाल दी. इस फोटो के बाद देश में आक्रोश फैल गया.