सपा कार्यालय में ओमप्रकाश राजभर की एंट्री पर लगा प्रतिबंध, पोस्टर से शुरू हुआ घमासान..

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विधानसभा चुनाव 2022 में गठबंधन के साथ लड़ने वाली ओमप्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच तल्ख़ियां इस कदर बढ़ गई है कि अब पोस्टर बार शुरू हो गया है समाजवादी पार्टी दफ्तर के बाहर बकायदा हार्डिंग लगाकर लिखा गया कि ओमप्रकाश राजभर का पार्टी कार्यालय में आना प्रतिबंधित है बताया जा रहा है कि या हार्डिंग सपा युवजन सभा नेता संतोष सिंह की तरफ से लगाया गया इस होर्डिंग के लगते ही सपा सुभासपा मैं जुबानी जंग छिड़ गई हालांकि बाद में इस होर्डिंग को हटा लिया गया।

दोनों के बीच गठबंधन टूट गया

दरअसल 2022 में समाजवादी पार्टी और राजभर की सुविधा सुभासपा ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था लेकिन चुनाव में मिली हार के बाद दोनों के बीच गठबंधन टूट गया गठबंधन टूटने के बाद से ही ओमप्रकाश राजभर लगातार अखिलेश यादव पर हमलावर हैं कहा जा रहा है कि अखिलेश यादव पर राजभर द्वारा किए जा रहे लगातार हमले के बाद ही सपा के युवा नेता की तरफ से या पोस्टर लगाया गया है हालांकि इस पोस्टर के सामने आते ही सुभासपा की तरफ से भी कड़ी प्रतिक्रिया आई। अरविंद राजभर ने कहा कि सुभासपा की लगातार बढ़ती लोकप्रियता से समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता फर्स्ट्रेशन का शिकार हो गए हैं यही वजह है कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता बौखलाहट में आकर होर्डिंग पोस्टर लगा रहे हैं कि उनके दफ्तर में ओमप्रकाश राजभर का प्रवेश प्रतिबंधित है मैं कहना चाहता हूं कि प्रदेश में 4 बार समाजवादी पार्टी की सरकार रही लेकिन मुसलमानों को कितनी हिस्सेदारी दी गई इसलिए अब मुसलमान भी समाजवादी पार्टी के दफ्तर में झांकना भी पसंद नहीं कर रहा है

अरविंद राजभर ने कहा कि प्रदेश में 38 फ़ीसदी अति पिछड़ों को सपा ने कितनी हिस्सेदारी दी यही वजह है कि तमाम पिछड़ा वर्ग के लोग सपा से नफरत कर रहे हैं यही वजह है कि सपा की तरफ से वोटिंग पोस्टर के जरिए गुमराह किया जा रहा है

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