देश में 112 प्रदूषित स्थल, तीसरे नंबर पर दिल्ली : केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

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    अपने कूड़े के पहाड़ों के लिए लगातार चर्चा में रहने वाली राष्ट्रीय राजधानी देश में सबसे ज्यादा प्रदूषित स्थलों की संख्या के मामले में तीसरे नंबर पर रखी गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने ओडिशा को पहला और उत्तर प्रदेश को इस सूची में दूसरा नंबर दिया है। 

    ओडिशा में 23 और उत्तर प्रदेश में 21 प्रदूषित स्थल
    सीपीसीबी ने देश के 112 सबसे प्रदूषित स्थलों की पहचान की है। इनमें से 23 ओडिशा और 21 स्थल उत्तर प्रदेश में चिह्नित किए गए हैं, जबकि दिल्ली में ऐसे 11 प्रदूषित स्थल मिले हैं। इसके अलावा भी देश में कुल 168 स्थल चिह्नित किए गए हैं, लेकिन वहां फिलहाल जांच नहीं हो पाई है।

    गाजीपुर, भलस्वा सहित राष्ट्रीय राजधानी में हैं 11 स्थल
    दिल्ली के भलस्वा और गाजीपुर की लैंडफिल साइटों सहित झिलमिल, वजीरपुर, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, दिलशाद गार्डन और लॉरेंस रोड में ये प्रदूषित स्थल चिह्नित किए गए हैं। राजधानी में इसके अलावा अन्य 12 संभावित प्रदूषित स्थल भी पहचाने गए हैं। इन स्थलों पर विषैले और हानिकारक पदार्थ अधिक मात्रा में पाए गए हैं। 

    सात राज्यों के 14 स्थलों पर सुधार कार्य शुरू
    इस बीच राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की पहल पर सात राज्यों के 14 प्रदूषित स्थलों को सुधारने का काम शुरू कर दिया गया है। इनमें गुजरात, झारखंड, केरल, महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश हैं। प्रदूषित स्थलों को दुरुस्त बनाने के लिए यहां मिट्टी, जमीन के भीतर का जल, सतह का जल और गाद की सफाई का काम किया जाएगा।

    यह है प्रदूषित स्थल की परिभाषा
    पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार प्रदूषित स्थल ऐसे क्षेत्र हैं, जहां कूड़े-कचरों में विषैले और खतरनाक पदार्थों की मात्रा अत्यधिक होने से आसपास रहने वालों की सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।