पश्चिम बंगाल हिंसा: राज्यपाल धनखड़ ने कहा- ‘बेघर लोगों की हालत देख कर हैरान हूं’

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पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने शनिवार को कहा कि वह राज्य में हिंसा के बाद बेघर हुए परिवारों की हालत देखकर हैरान हैं। उन्होंने इसाके लिए ममता बनर्जी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या सीएम को रोते बिलखते बच्चों और महिलाओं की दशा पर दया नहीं आती। राज्यपाल ने शनिवार को पूर्व मेदिनापुर जिले का दौरा किया जहां नंदीग्राम से भगाए गए लोगों ने शरण ली है।

धनखड़ ने कहा, ममता ने कूच बिहार के सितलकूची में केंद्रीय बलों की फायरिंग से चार लोगों की मौत को नरसंहार बताया था लेकिन टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा नंदीग्राम में की गई हिंसा पर वे चुप क्यों हैं। उन्हें यहां रोते बिलखते बच्चों की चीख पुकार सुनाई क्यों नहीं देती? बंगाल की यह दशा देखकर दुख होता है। देश ने इससे पहले कभी भी कहीं ऐसे हालात नहीं देखे। बंगाल इस वक्त ज्वालामुखी पर बैठा है और लोग बेघर हैं।

उन्होंने कहा, सीएम ममता को इस पर गंभीर रुख अपनाते हुए सख्त कदम उठाने चाहिए और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा बेघर किए लोगों को राहत देनी चाहिए। साथ ही इस हिंसा के जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

बंगाल में हो रही हिंसा दंडात्मक कृत्य ममता उचित कार्रवाई करें: धनखड़
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने राज्य में चुनाव बाद हो रही हिंसा पर चिंता जताते हुए इसे दंडात्मक कृत्य बताया। उन्होंने सीएम ममता बनर्जी को इस पर संज्ञान लेने और उचित कार्रवाई करने की नसीहत दी।  

धनखड़ ने कहा, प्रदेश बुरे दौर से गुजर रहा है। महामारी का संकट पहले से है और उसके बाद इस तरह की हिंसा ने स्थिति बिगाड़ दी है। हिंसा के पीछे जो लोग हैं उन्हें सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए और सीएम ममता बनर्जी को खुद इस मामले में सख्त कदम उठाने होंगे।

उन्होंने कहा, जिस तरह से लोगों को घरों से निकाल बाहर किया जा रहा है और उन पर अत्याचार हो रहे हैं, यह बिलकुल ज्वालामुखी पर बैठने जैसा है। ऐसे में लोगों को चैन की नींद आना मुहाल है। उन्होंने आशा जताई कि मुख्यमंत्री पीड़ितों की सुध लेंगी और जनता का विश्वास जीतने के लिए उचित कदम उठाएं।