अधूरा रह गया बतौर कप्तान आरसीबी को चैंपियन बनाने का सपना – बिना IPL का खिताब जीते विदा हुए कप्तान विराट कोहली

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आईपीएल 2021 (IPL 2021) के एलिमिनेटर मुकाबले में केकेआर (KKR) से मिली हार के साथ आऱसीबी (RCB) का पहला खिताब जीतने का सपना एक बार फिर टूट गया. आरसीबी के फैंस को जितना दुख टीम की हार का था उतना ही इस बात का भी कि लगभग 10 साल से टीम की कप्तानी कर विराट कोहली टीम को चैंपियन बनाने में नाकाम रहे. केकेआर के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबला विराट कोहली के लिए बतौर कप्तान आखिरी मुकाबला साबित हुआ. कोहली का 9 साल का इंतजार पूरा नहीं हो सका. वह अपनी कप्तानी में टीम को चैंपियन नहीं बना सके.

आईपीएल 2021 का दूसरा सत्र शुरू होने से पहले विराट कोहली ने ऐलान किया था कि वह इस सीजन के बाद कप्तानी छोड़ देंगे. हालांकि, विराट ने ये भी भरोसा दिलाया था कि वह आगे भी आरसीबी के साथ ही जुड़े रहना चाहते हैं, लेकिन बतौर बल्लेबाज टीम के लिए काम करेंगे. इसके बाद से फैंस और पूरी आरसीबी टीम अपने कप्तान को चैंपियन बनकर विदाई देना चाहती थी हालांकि केकेआर ने ऐसा होने नहीं दिया.

विराट कोहली नहीं बना पाए आरसीबी को चैंपियन
विराट कोहली लेकिन वह अपनी कप्तानी में आरसीबी को कभी आईपीएल की ट्रॉफी नहीं जितवा पाए. रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए विराट कोहली की कप्तानी की बात करें तो उन्होंने उन्होंने 2013 में टीम की कमान संभाली थी. (2011, 2012 में कुछ मैचों के लिए विराट ने कप्तानी की थी). विराट कोहली की कप्तानी में आरसीबी ने इस लीग में कुल 140 मैच खेले हैं जिसमें इस टीम को 64 मैचों में जीत जबकि 69 मैचों में हार का सामना करना पड़ा. बतौर कप्तान वो इस लीग के अब तक के सबसे सफल कप्तान रहे और सबसे ज्यादा मैच जीतने में भी सफलता हासिल की. इसके अलावा उन्होंने इस टीम की कप्तानी 140 मैचों में की और किसी फ्रेंचाईजी के लिए सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी करने के मामले में दूसरे स्थान पर रहे. पहले स्थान पर महेंद्र सिंह धोनी हैं.

कप्तानी छोड़ने पर दिया बयान
कप्तान के रूप में अपना आखिरी आईपीएल खेलने को लेकर विराट कोहली ने कहा, ‘मैंने काफी कोशिश की है ऐसी परंपरा बनाने की जहां आक्रामक क्रिकेट खेली जा सके. यही चीज मैंने भारतीय टीम में कोशिश की. बस इतना कह सकता हूं कि मैंने अपना बेस्ट दिया है. मैंने यहां अपना 120 प्रतिशत दिया और मैदान पर खिताड़ी के रूप में फ्रेंचाइजी को अपना योगदान देता रहूंगा. अच्छा मौका है कि अब हम टीम को दोबारा खड़ा करें अगले तीन सालों के लिए. मैं बैंगलोर के लिए ही खेलूंगा. मेरे लिए इमानदारी मायने रखती है और आईपीएल मे अंतिम दिन तक इसी फ्रेंचाइजी को समर्पित रहूंगा.’