उत्तराखंड में आज भी हलकी बारिश जारी, केदारनाथ समेत 5 हाईवे बंद, 50 से ज्यादा छोटे-बड़े वाहन फंसे

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प्रदेश के कई इलाकों में आज गुरुवार को भी भारी बारिश की संभावना है। गुरुवार को राजधानी देहरादून में फिलहाल बादल छाए हुए हैं। मूसरी में बारिश हो रही है और घना कोहरा छाया हुआ है।

वहीं अधिकतर इलाकों में बारिश का दौर जारी है। बदरीनाथ और केदारनाथ हाईवे कई जगह मलबा आने से बंद पड़ा हुआ है। गंगोत्री हाईवे नालूपानी के पास मार्ग अवरुद्ध हो गया है। यहां मार्ग खोलने का कार्य प्रगति पर है। कुमाऊं में पिथौरागढ़ हाईवे भी कई जगह बंद है। 

मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार देहरादून, पिथौरागढ़ और नैनीताल के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। जबकि, राज्य के बाकी हिस्सों में भी बिजली गिरने के साथ ही तीव्र बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को दून का अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री तक रह सकता है।

रुद्रप्रयाग, यमुनोत्रीघाटी, चमोली, टिहरी और उत्तरकाशी में बुधवार रात से बारिश जारी है। लगातार कई दिनों से हो रही बारिश से ठंड बढ़ गई है। चमोली जनपद में पिछले चार दिनों से लगातार बारिश जारी है। बारिश से बदरीनाथ हाईवे पागलनाला, रड़ांग बैंड, लंगासू,  बाबा आश्रम के पास, कर्णप्रयाग व सिमली के बीच में और चमधार में अवरुद्ध हो गया है। केदारनाथ हाईवे भी सिरोबगड़, मेदनपुर, भटवाड़ीसैंण और सौड़ी में बंद है। 

पौड़ी में बुआखाल-रामनगर हाईवे बोल्डर आने से पाबौ के बीच बंद हो गया है। खिर्सू- बिसल्ड होते हुए वैकल्पिक मार्ग से यात्रियों को भेजा जा रहा है। एनएच के अधिकारियों का कहना है देर शाम तक यहां यातायात बहाल हो जाएगा।

जोशीमठ-मलारी हाईवे पर रैणी गांव के समीप सड़क पर दरारें पड़ गई हैं, जिससे कभी भी हाईवे धौली गंगा में समा सकता है। क्षेत्र में पिछले चार दिनों से लगातार बारिश हो रही है। हाईवे पर जगह-जगह भू धंसाव भी हो रहा है। विगत 7 फरवरी को ऋषि गंगा की त्रासदी से मलारी हाईवे कई जगहों पर धंस गया था, अब यह धंसाव तेजी से बढ़ रहा है।

बीते मई माह में रैणी गांव के निचले हिस्से में करीब 40 मीटर तक हाईवे बह गया था। जिसके बाद सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने यहां करीब 100 मीटर तक नई सड़क बनाई थी। अब यहां फिर से हाईवे पर भू धंसाव हो रहा है। मलारी हाईवे पर रैणी गांव के समीप ऋषि गंगा पर बीआरओ की ओर से निर्मित वैली ब्रिज के नीचे भी लगातार नदी से भू कटाव हो रहा है। यदि बारिश इसी तरह होती रही और ऋषि गंगा का जल स्तर बढ़ा तो पुल को भी खतरा हो सकता है।

श्रीनगर में सुबह से बारिश जारी है। यहां बदरीनाथ हाईवे का लगभग 10 मीटर पुस्ता भी ढह गया है। टिहरी जिले में 12 ग्रामीण सड़क मार्ग बाधित हो गए हैं। चमोली जिले में 40 संपर्क मार्ग बाधित हैं। जिले में अलकनंदा, नंदाकिनी व पिंडर नदी का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बह रहा है।

कर्णप्रयाग में गुरुवार की सुबह करीब सात बजे उमा माहेश्वर आश्रम (कर्णप्रयाग) के पास 30 मीटर पहाड़ी टूटकर बदरीनाथ हाईवे पर गिर गई। जिससे सड़क पर भारी मात्रा में मलबा पत्थर आ गए। हाईवे के दोनों तरफ चमोली, गोपेश्वर, जोशीमठ, कर्णप्रयाग, रुद्रप्रयाग, श्रीनगर व देहरादून आने-जाने वाले करीब 50 छोटे-बड़े वाहन फंसे हैं। जेसीबी की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। बारिश से सिमली-शैलेश्वर, मठोली-बसक्वाली, उज्वलपुर-डुंगरी आदि मोटर मार्गों पर मलबा आने से वाहनों की आवाजाही में दिक्कत हो रही है।

वहीं कुमाऊं में बागेश्वर, पिथौरागढ़, टनकपुर, चंपावत, डीडीहाट, द्वाराहाट, चौखुटिया और लोहाघाट सहित लगभग सभी इलाकों में गुरुवार काे भी बारिश जारी है। मलबा आने से पिथौरागढ़-घाट सड़क बंद हो गई है। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग सूखीढांग से धौन तक चार जगह बंद है। यहां बुधवार रात दस बजे से सड़क बंद है। चंपावत-लोहाघाट के बीच तिलोन के पास मलबा आने से हाईवे बंद पड़ा हुआ है।

शनिवार रात से हो रही बारिश के चलते कॉर्बेट पार्क में पर्यटक सफारी नहीं कर पा रहे हैं, जिन पर्यटकों की सफारी की बुकिंग थी, वे सभी बारिश के चलते होटलों के कमरों में कैद है। अब सफारी तभी होगी, जब मौसम साफ होगा। 

शनिवार रात से हुई बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया था। बारिश के चलते कॉर्बेट पार्क में रास्ते खराब हो गए, वहीं कई स्थानों पर नालों में भी पानी भी आ रहा है। ऐसे में पर्यटकों को जंगल सफारी कराना खतरनाक हो सकता है। इसी को देखते हुए जंगल सफारी बंद हुई है।

देहरादून जिले में नदी-झील-तालाबों में जाने पर पूरी तरह रोक
राजधानी दून में सभी नदी-झील-तालाबों में जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। मानसून सीजन में लगातार हो रही बारिश और आपदा के खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार ने इसके निर्देश दिए हैं। अभी तक केवल वीकेंड पर पर्यटन स्थलों में ही यह रोक प्रभावी थी।

उन्होंने उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती बरतने के लिए भी निर्देशित किया है। पिछले कुछ दिनों से राजधानी में लगातार बारिश हो रही है, जिससे लगभग सभी नदियों, झीलों और तालाबों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। इस दौरान कई दुर्घटनाएं भी हुई हैं।