यूपी में खुल गए 1-5वीं तक के स्कूल, बच्चों में दिखा जबरदस्त उत्साह, मुख्यमंत्री योगी ने दी बधाई

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कोरोना की दूसरी लहर के बाद प्रदेश में पहली से पांचवीं कक्षा तक के स्कूलों में आज से कक्षाओं का संचालन शुरू हो गया। प्रदेश सरकार ने स्कूलों में बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए कोविड प्रोटोकाल का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं वहीं बच्चों के लिए स्कूलों में स्वच्छता से लेकर सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। आज बच्चों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, जबकि अभिभावकों में अभी भी भय का माहौल है। 
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण पिछले सात माह से बंद विद्यालय आज एक सितंबर से पुनः प्रारम्भ हो रहे हैं। सभी बच्चों को ढेर सारी शुभकामनाएं। उन्होंने सभी गुरुजनों से विनम्र आग्रह किया कि सभी बच्चों का ध्यान रखें। हर हाल में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित कराने में अपना योगदान दें।

बेसिक शिक्षा परिषद के करीब 1 करोड़ 80 लाख विद्यार्थियों को इस वर्ष स्कूल बैग, स्कूल यूनिफार्म, जूता-मोजा और स्वेटर के लिए नकद राशि दी जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों के विधिवत संचालन की पूरी व्यवस्थाएं करने का दावा किया है।

गौरतलब है कि कोरोना की पहली लहर के बाद एक मार्च से स्कूलों का संचालन शुरू किया गया था, लेकिन मार्च के दूसरे सप्ताह से ही कोरोना की दूसरी लहर की आहट शुरू होते ही स्कूलों को बंद कर दिया गया था। प्रदेश में कोरोना की स्थिति नियंत्रण में होने पर मुख्यमंत्री ने सभी विद्यालयों में 23 अगस्त से कक्षा 6 से 8 और एक सितंबर पहली से पांचवीं कक्षाओं का संचालन शुरू करने के निर्देश दिए थे। प्रदेश में 24 अगस्त से 6वीं से 8वीं तक कक्षाओं का संचालन शुरू कर दिया था।

बेसिक शिक्षा निदेशक सर्वेन्द्र विक्रम सिंह ने बताया कि एक सितंबर से सभी विद्यालयों में पहली से पांचवीं तक की कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। विद्यार्थियों और शिक्षिकों को कोविड से बचाने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने, सैनिटाइजर, मास्क और थर्मल स्कैनिंग के साथ स्वच्छता रखने के निर्देश दिए है। स्कूलों में समय-समय पर सैनिटाइजेशन कराया जाएगा, किसी भी बच्चे या शिक्षक में लक्षण मिलने पर तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र को सूचित कर इलाज की उचित व्यवस्था की जाएगी।

बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों ने घर घर पहुंचकर अभिभावकों से बच्चों को स्कूल भेजने की अपील की है। शिक्षक अभिभावकों को समझाने का प्रयास कर रहे है कि बच्चों को स्कूल में सुरक्षित महौल दिया जाएगा और कोविड प्रोटोकाल का पूरा पालन किया जाएगा लिहाजा वे अपने बच्चों को स्कूल भेजे। विभाग को फीड बैक मिला है बच्चे तो स्कूल आने के लिए उत्साहित है लेकिन अभिभावकों में अभी भी कोविड का भय है। विभाग के अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ेगी वैसे वैसे अभिभावकों का भय कम होगा।

बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को इस वर्ष जूते मोजे, स्कूल बैग, स्कूल यूनिफार्म और स्वेटर की नकद राशि का भुगतान किया जाएगा। हर विद्यार्थी के अभिभावक के खाते में करीब 1100 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। विभाग के अधिकारी के मुताबिक प्रत्येक विद्यार्थी को दो जोड़ी यूनिफार्म के 600 रुपये, 200 रुपये स्वेटर, 150 रुपये जूता मोजा और 150 रुपये स्कूल बैग के दिए जाएंगे।