अमेरिका और रूस के बीच यूक्रेन मामले को लेकर विवाद युद्ध की कगार पर

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Vlamdir Putin
Vlamdir Putin

यूक्रेन को लेकर अमेरिका और रूस में विवाद तेजी से बढ़ता जा रहा है. अब अमेरिका ने चेतावनी दी है कि रूस कभी भी यूक्रेन पर हमला कर सकता है. व्हाइट हाउस की तरफ से कहा गया है कि ‘हालात खतरनाक’ हैं लेकिन मास्को के लिए बातचीत के दरवाजे खुले हैं. अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से बात की है और दोनों नेता इस सप्ताह जिनेवा में मिलने के लिए सहमत हुए हैं. बिगड़ते हालातों के लिए व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को जिम्मेदार ठहराया है.

साकी ने कहा है कि पुतिन ने यूक्रेन से लगने वाली रूस की सीमा पर 100,000 सैनिकों की तैनाती की हुई है, जिसके कारण ये संकट इतना अधिक बढ़ गया है. साकी ने कहा, ‘रूस अपने सैनिकों को यूक्रेन की पूर्वी सीमाओं पर सैन्य अभ्यास के लिए भेज रहा है. मैं ये साफ कर दूं. हमारा मानना है कि यह एक बेहद ही खतरनाक स्थिति है. अब हम एक ऐसी स्थिति में पहुंच गए हैं, जब रूस कभी भी यूक्रेन पर हमला कर सकता है. वह पहले से कहीं अधिक मजबूत स्थिति में खड़ा है.’ साकी ने अमेरिका के रुख को दोहराते हुए कहा अगर रूस कूटनीतिक रास्ते पर नहीं चलता है, तो उसे ‘गंभीर परिणाम’ भुगतने होंगे.

विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, ब्लिंकन पहले यूक्रेन का दौरा करेंगे. उन्होंने ‘यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए अमेरिकी समर्थन’ पर जोर देने की योजना बनाई है. फिर वह जर्मनी का दौरा करेंगे. यहां ब्लिंकन यूरोपीय सहयोगियों और पार्टनर्स के साथ रूस से जुड़ी संयुक्त प्रक्रिया को लेकर चर्चा करेंगे. वहीं शुक्रवार को ब्लिंकन लावरोव से जिनेवा में मुलाकात करेंगे. वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘अमेरिका संघर्ष नहीं चाहता. हम शांति चाहते हैं. राष्ट्रपति पुतिन के पास इस संकट को कम करने के लिए कदम उठाने की शक्ति है ताकि अमेरिका और रूस एक ऐसे रिश्ते को आगे बढ़ा सकें जो शत्रुता या संकट पर आधारित ना हो.’

इससे पहले खबर आई थी कि रूस देश के सुदूर पूर्वी हिस्से में तैनात सैनिकों को बड़े युद्धाभ्यास के लिए बेलारूस भेज रहा है. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. पश्चिमी देशों में हमले के डर के बीच इस तैनाती से यूक्रेन के पास रूसी सैन्य साजो-सामान की संख्या और बढ़ गई है. रूस के उप रक्षा मंत्री अलेक्जेंडर फोमिन ने कहा कि युद्धाभ्यास का मकसद रूस और बेलारूस के गठबंधन द्वारा बाहरी खतरों से निपटने के लिए संयुक्त अभ्यास करना है. दोनों देशों के बीच घनिष्ठ राजनीतिक, आर्थिक और सैन्य संबंध हैं. फोमिन ने यह नहीं बताया कि अभ्यास के लिए कितने सैनिकों और हथियारों को फिर से तैनात किया जा रहा है.

यूक्रेन के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि रूस अपने सहयोगी बेलारूस के क्षेत्र सहित विभिन्न दिशाओं से हमला कर सकता है. इस तैनाती से यूक्रेन के नजदीक टैंकों और अन्य भारी हथियारों के साथ मौजूद 1,00,000 सैनिकों की ताकत और बढ़ जाएगी. पश्चिमी देशों को डर है कि यह हमले से पहले की तैयारी हो सकती है. हालांकि रूस ने यूक्रेन पर हमला करने की मंशा से इनकार किया है, लेकिन उसने पश्चिमी देशों से गारंटी की मांग की है कि नाटो यूक्रेन या अन्य पूर्व सोवियत देशों में विस्तार नहीं करेगा या अपने सैनिक और हथियार वहां नहीं रखेगा. वाशिंगटन और उसके सहयोगियों ने जिनेवा में पिछले सप्ताह रूस-अमेरिका वार्ता और ब्रसेल्स में नाटो-रूस से संबंधित बैठक के दौरान मास्को की मांगों को दृढ़ता से खारिज कर दिया था.