अफगान संकट पर UNHRC की चेतावनी – सर्दियों में और गंभीर हो सकते हैं अफगानिस्तान हालात

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संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी निकाय (यूएनएचसीआर) ने अफगानिस्तान को चेताया है कि आगामी दिनों में तापमान गिरने के साथ देश में हालात और भी गंभीर होंगे। एजेंसी ने कहा कि अफगानिस्तान में मानवीय संकट लगातार बिगड़ रहा है और वहां सर्दियों के मौसम में दो करोड़ लोगों की आपातकालीन मदद के लिए धन की तत्काल जरूरत होगी।

यूएनएचसीआर के प्रवक्ता बाबर बलोच ने कहा कि एजेंसी अफगानिस्तान की सीमा के बाहर एक रसद केंद्र स्थापित करने की कोशिश कर रही है ताकि देश के कई सैकड़ों हजारों आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों को सहायता वितरित की जा सके। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था टूटने के कगार पर है, और इस पतन को हर कीमत पर टाला जाना चाहिए।

संयुक्त राष्ट्र ने अफगानिस्तान के लोगों के लिए एकजुटता की अपील करते हुए अशांत देश के लिए 60 करोड़ डॉलर की मांग की थी। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी ने कहा कि अगले दो महीनों के लिए संचालन के लिए आवश्यक धन का केवल 35 प्रतिशत ही अब तक मिला है। विश्व निकाय प्रमुख एंटोनियो गुटेरस ने भी विश्व बिरादरी से अफगानिस्तान की ढहती अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए नकदी डालने का आग्रह किया था।

सिर्फ पांच फीसदी परिवारों के पास हर दिन भोजन की व्यवस्था
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के प्रवक्ता ने बताया कि अफगानिस्तान में सिर्फ पांच फीसदी परिवारों के पास ही प्रतिदिन खाने के लिए पर्याप्त साधन है और पांच वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों में से आधे से ज्यादा के अगले वर्ष में कुपोषित होने की आशंका है। दूसरी तरफ, गंभीर सूखे और खेती में बाधा से सर्दियों के करीब आते ही खाद्य असुरक्षा का खतरा भी बढ़ गया है।