अमेरिकी सेना के जाते ही तालिबान ने किया अफगानिस्तान की आजादी का ऐलान, हवाई फायरिंग कर मनाया जश्न, कहा – दुनिया भर के हमलावरों के लिए एक सीख है अमेरिका की हार

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    अमेरिका के अफगानिस्तान छोड़ते ही तालिबान ने आक्रामक तेवर अपना लिए हैं। अमेरिकी सैनिकों की वापसी को लेकर तालिबान ने कहा है कि यह दुनिया भर के लिए संदेश है। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि अमेरिका की हार दूसरे आक्रांताओं के लिए एक बड़ी सीख है। इसके अलावा यह हमारी भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी एक संदेश है। अमेरिकी सैनिकों की वापसी के कुछ घंटों के बाद ही यह तालिबान का यह बयान है। तालिबान के प्रवक्ता ने कहा कि यह पूरी दुनिया के लिए संकेत है।

    अमेरिकी सैनिकों की वापसी के साथ ही तालिबान ने अब काबुल एयरपोर्ट पर भी अपना कब्जा जमा लिया है। अमेरिकी सैनिकों की वापसी का जश्न मनाते हुए तालिबान लड़ाकों ने हवाई फायरिंग भी की है। अमेरिका के आखिरी विमान के काबुल एयरपोर्ट से उड़ान भरने के बाद तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा, ‘अफगानिस्तान को बधाई। यह जीत हम सभी के लिए है।’

    मुजाहिद ने कहा कि तालिबान की यह जीत अमेरिका के अलावा दूसरे हमलावरों के लिए भी एक सीख की तरह है। हालांकि मुजाहिद ने एक बार फिर से कहा कि तालिबान का इस बार राज पहले की तुलना में उदार होगा। तालिबानी प्रवक्ता ने कहा, ‘हम अमेरिका और पूरी दुनिया के साथ बेहतर रिश्ते चाहते हैं। हम सभी के साथ अच्छे कूटनीतिक संबंधों का स्वागत करते हैं।’ दरअसल तालिबान इससे पहले भी 1996 से 2001 तक तालिबान पर शासन कर चुका है।

    तालिबान राज के बाद भी तैनात थे 6,000 अमेरिकी सैनिक
    तब महिलाओं पर तमाम पाबंदियां थीं। इसके अलावा न्यायिक व्यवस्था भी बेहद क्रूर थी। इसके चलते एक बार फिर से लोग तालिबान के राज को लेकर डरे हुए हैं। अमेरिकी सेना की वापसी बीते कई महीनों से जारी थी, लेकिन तालिबान का कब्जा देश पर होने के बाद भी उसके 6,000 सैनिक काबुल एयरपोर्ट की सुरक्षा में तैनात थे। ये सैनिक अमेरिका और अन्य देशों के लोगों को निकालने के लिए तैनात थे। अब निकासी का काम पूरा होने के बाद सैनिकों का वापसी हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पहले ही 31 अगस्त तक अमेरिका के सभी सैनिकों की वापसी का ऐलान किया था।