कोरोना काल में मिली मदद: छह क्रायोजेनिक ऑक्सीजन कंटेनर एयरलिफ्ट कर दुबई से भारत लायी वायुसेना

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    कोरोना की इस लड़ाई में भारत की मदद कई देश कर रहे हैं। संकट की इस घड़ी में कई देश भारत के साथ कदम से कदम मिलाकर खड़े हैं। इसी कड़ी में एयरफोर्स का IAF C-17 दुबई से छह क्रायोजेनिक (तरल रूप में) ऑक्सीजन कंटेनरों को भारत लेकर आया। जो सोमवार शाम पानागढ़ एयरबेस पर उतरे। इसके बाद ऑक्सीजन कंटेनरों को जयपुर से जामनगर एयरबेस तक भेजा गया।

    सिंगापुर से आए चार क्रायोजेनिक टैंक, दूर करेंगे देश में ऑक्सीजन की किल्लत
    देश में कोविड-19 की गंभीर स्थिति के बीच, देश के विभिन्न हिस्सों में ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए चार क्रायोजेनिक (कम तापमान बनाए रखने में सक्षम) टैंकर सिंगापुर से विमान से शनिवार शाम करीब 4.30 बजे आ गए हैं।

    गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने जानकारी दी थी कि चार खाली टैंकों को भारतीय वायुसेना के एक मालवाहक विमान से लाया जा रहा है। इसके लिए वायुसेना के सी-17 विमान ने दिल्ली के बाहरी इलाके में हिंडन हवाईअड्डे से शनिवार (24 अप्रैल) सुबह सिंगापुर के चांगी हवाईअड्डे के लिए उड़ान भरी थी।

    दिल्ली एयरपोर्ट पर अमेरिका से पहुंचे 318 ऑक्सीजन कंसनट्रेटर
    अमेरिका ने 318 ऑक्सीजन कंसनट्रेटर भारत भेजे, जो दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच चुके हैं। कैनेडी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कार्गो पांच टन (5000 किलोग्राम) ऑक्सीजन सांद्रता को लेकर रवाना हो चुका था। यह सोमवार दोपहर वक्त दिल्ली आ गया है। 

    क्या होता है क्रायोजेनिक टैंक या क्रायोजेनिक कंटेनर
    क्रायोजेनिक टैंक या कंटेनर ऐसा टैंक होता है, जिसमें बहुत अधिक ठंडे लिक्विड रखे जाते हैं, जैसे लिक्विड ऑक्सीजन और लिक्विड हाइड्रोजन। लिक्विड ऑक्सीजन बहुत ही अधिक ठंडी होती है। इसका स्तर -185 डिग्री के करीब होता है जो ऑक्सीजन के उबलने का स्तर होता है। क्रायोजेकिन टैंक में उन गैसों को रखा जाता है, जिनका उबलने का स्तर -90 से अधिक होता है, जैसे ऑक्सीजन।