कोरोना से जंग होगी और तेज! भारत में सिंगल डोज रूसी स्पुतनिक-लाइट वैक्सीन दिसंबर तक होगी लॉन्च

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देश में कोरोना से जंग जारी है. कोरोना पर काबू पाने के लिए भारत में फिलहाल तीन अलग-अलग वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा है, वहीं, कई टीके परीक्षण के अलग-अलग दौर में हैं. हालांकि वायरस के खिलाफ जंग में भारत को इस साल के अंत तक स्पुतनिक-लाइट वैक्सीन के रूप में एक और बड़ा हथियार मिलने जा रहा है. इस वैक्सीन की सबसे खास बात यह है कि यह एक खुराक वाला टीका है. अब तक जिन वैक्सीन का भारत में इस्तेमाल किया जा रहा है उसकी दो खुराक लेना जरूरी होता है. स्पुतनिक लाइट कोविड वैक्सीन भारत में इसी साल दिसंबर तक लॉन्च की जाएगी. ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरी लिमिटेड को सितंबर में चरण-3 ब्रिजिंग परीक्षण करने की अनुमति दी.

सरकार ने पहले की रिपोर्टों के अनुसार, रूस के एक खुराक कोविड-19 वैक्सीन स्पुतनिक लाइट के घरेलू स्तर पर निर्यात की अनुमति दी थी. स्पुतनिक लाइट रूसी वैक्सीन स्पुतनिक वी के घटक-1 के समान है, जिसका उपयोग अप्रैल में भारत के ड्रग रेगुलेटर से इमरजेंसी उपयोग प्राधिकरण प्राप्त करने के बाद भारत के एंटी-कोविड इनोक्यूलेशन कार्यक्रम में किया जा रहा है.

वेबिनार में आरडीआईएफ ने रूसी स्पुतनिक वी वैक्सीन पर सैन मैरिनो गणराज्य के स्वास्थ्य मंत्रालय के वास्तविक दुनिया के आंकड़ों की भी घोषणा की. यह प्रदर्शित करता है कि यह दूसरी खुराक देने के बाद 6 से 8 महीने तक कोरोना संक्रमण के खिलाफ 80 प्रतिशत प्रभावी है. स्पुतनिक के एक बयान में कहा गया है कि 6-8 महीनों में स्पुतनिक वी की प्रभावशीलता एमआरएनए टीकों की आधिकारिक रूप से प्रकाशित प्रभावकारिता से काफी अधिक है.