French Open 2021: फ्रेंच ओपन में थमा सेरेना विलियम्स का सफर, हार के बाद बढ़ा 24वें ग्रैंड स्लैम खिताब का इंतजार

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सेरेना विलियम्स के रिकॉर्ड 24वें ग्रैंड स्लैम खिताब का इंतजार और बढ़ गया। तीन बार की चैंपियन 39 वर्षीय सेरेना को फ्रेंच ओपन के चौथे दौर में कजाखस्तान की इलिना रेबकिना के हाथों 3-6, 5-7 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। सेरेना की हार के साथ ही इस हाफ में अब शीर्ष 15 में से कोई खिलाड़ी नहीं है।

वर्ष 2016 के बाद से सेरेना पेरिस में चौथे दौर से आगे नहीं बढ़ पाईं हैं। इस दौरान 2017 में उन्होंने टूर्नामेंट में शिरकत नहीं की थी। इक्कीस वर्षीय रेबकिना पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं है। उन्होंने अभी तक टूर्नामेंट में एक भी सेट नहीं गंवाया है।

रेबकिना की टक्कर रूस की अनास्तासिया पाव्ल्युचेंकोवा से होगी, जो 15वें नंबर की विक्टोरिया अजारेंका को 5-7, 6-3, 6-2 से उलटफेर का शिकार बनाकर दस साल बाद अंतिम-8 में पहुंचीं। पाव्ल्यूचेंको इससे पहले 2011 में यहां पांचवें दौर में पहुंची थी। 

तमारा व बडोसा में टक्कर : तमारा जिदनसेक ग्रैंड स्लैम के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली पहली स्लोवेनियाई महिला खिलाड़ी बन गईं। दुनिया की 85वें नंबर की खिलाड़ी तमारा ने रोमानिया की गैर वरीयता प्राप्त सोराना क्रिस्टिया को 7-6, 6-1 से पराजित किया। तमारा से पहले स्लोवेनिया की कैटरीना श्रेबोटनिक 2008 में फ्रेंच और यूएस ओपन के चौथे दौर में पहुंचीं थी।

23 वर्षीय तमारा की टक्कर स्पेन की पोउला बडोसा से होगी। तेईस वर्षीय बडोसा भी 20वें नंबर की चेक गणराज्य की मार्केटा वोंद्रोसोवा को 6-4, 3-6, 6-2 से उलटफेर का शिकार बनाकर पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के चौथे दौर से आगे बढ़ीं। 

मेदवेदेव की टक्कर सितसिपास से 
पिछले चार मौकों में रोलां गैरां के पहले दौर से आगे नहीं बढ़ने वाले रूस के दानिल मेदवेदेव चिली के 22 वर्षीय क्रिस्यिन गारिन को 6-2, 6-1, 7-5 से शिकस्त देकर पहली बार क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए। दुनिया के नंबर दो खिलाड़ी मेदवेदेव का भिड़ंत अब ग्रीस के स्टेफानोस सितसिपास से होगी।

पांचवें नंबर के सितसिपास स्पेन के पाब्लो कारेनो बुस्ता को 6-3, 6-2, 7-5 से मात देकर लगातार दूसरी बार पांचवें दौर में पहुंचे। मेदवेदेव ओपन युग में लाल बजरी के अंतिम आठ में पहुंचने वाले 11वें रूसी खिलाड़ी हैं। पच्चीस वर्षीय मेदवेदेव अगर कॅरिअर का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीत जाते हैं तो वह जोकोविच को हटाकर दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी भी बन जाएंगे। 

चौथे दौर में पहुंचने के बाद फेडरर हटे  
बीस बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन रोजर फेडरररोलां गैरां से हट गए। 39 वर्षीय रोजर फेडरर शनिवार देर रात जर्मनी के डोमिनिक कोएफर को 7-6, 6-7, 7-6, 7-5 से शिकस्त देकर 16वीं बार प्री क्वार्टर फाइनल में पहुंच थे। यह मुकाबला तीन घंटे 39 मिनट तक चला और फेडरर थके हुए नजर आ रहे थे। घुटने के ऑपरेशन के बाद यह उनका सिर्फ छठा मुकाबला था।

उन्होंने रविवार को कहा कि मैंने अपनी टीम के साथ विचार-विमर्श के बाद टूर्नामेंट से हटने का फैसला किया। मैं यहां लगातार तीन मैच जीतकर रोमांचित हूं। कोर्ट पर वापसी से बड़ा कोई एहसास नहीं है। घुटने के दो ऑपरेशन और एक साल तक रिहैब से गुजरने के बाद यह जरूरी था कि मैं अपने शरीर की सुनूं। यह सुनिश्चित करूं कि मैं उबरने की प्रक्रिया के दौरान खुद को ज्यादा तेजी से आगे नहीं बढ़ाऊं। उनकी प्राथमिकता विंबलडन है जो 28 जून से शुरू होगा।

टूर्नामेंट के निदेशक गॉय फोरगेट ने कहा कि फेडरर के हटने से निराश हैं जिन्होंने बीती रात मुकाबले में कड़ा जज्बा दिखाया। हम सभी रोजर को पेरिस में खेलते हुए देखकर खुश थे। हम उन्हें बचे हुए सत्र के लिए शुभकामनाएं देते हैं। वर्ष 2009 के चैंपियन का चौथे दौर में सामना इटली के मैटेयो बेरेटिनी से होना था।

फेडरर रिकॉर्ड 68वीं बार किसी ग्रैंड स्लैम के अंतिम-16 में पहुंचे। नोवाक जोकोविच (54) दूसरे और राफेल नडाल (50) तीसरे नंबर र हैं। यह मैच रात एक बजे तक चला और रात नौ बजे के बाद कोविड-19 कर्फ्यू लगने के कारण दर्शकों के बिना खेला गया। यह पहला मौका है जब किसी ग्रैंड स्लैम में बिग थ्री (फेडरर, जोकोविच, नडाल) को एक ही हाफ में रखा गया है। 

बोपन्ना-कुगोर की जोड़ी अंतिम-8 में 
भारत के अनुभवी टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना और क्रोएशिया के उनके जोड़ीदार फ्रेंको कुगोर युगल के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए। बोपन्ना-कुगोर की गैर वरीय जोड़ी को नीदरलैंड के मैटवे मिडेलकोप और अल सल्वाडोर के मार्सेलो अरेवलो की जोड़ी ने वॉकओवर दे दिया। बोपन्ना-कुगार का सोवमार को सामना अब स्पेन के पेड्रो मार्टिनेज और पाब्लो अंडुजार की जोड़ी से होगा।

दुनिया के 40वें नंबर के खिलाड़ी बोपन्ना को फ्रेंच ओपन से अंक की दरकार है क्योंकि उनके पास अपनी रैंकिंग में सुधार का यह अंतिम मौका है। टोक्यो ओलंपिक में प्रवेश के लिए 10 जून की रैंकिंग को आधार माना जाएगा। ओलंपिक में प्रवेश के लिए बोपन्ना और दिविज शरण की संयुक्त रैंकिंग पर विचार किया जाएगा।

कम रैंकिंग से उनके ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने की संभावनाओं को नुकसान हो सकता है। अब तक भारतीय खिलाड़ियों में सिर्फ महिला युगल में सानिया मिर्जा का स्थान तय हुआ है। उनकेअंकिता रैना के साथ जोड़ी बनाने की उम्मीद है।