रियाजुल्ला खान बोले- आरएसएस और मोदी हिन्दुओं के हितैषी नही जनशत्रु है

607
Riazullah Khan
Riazullah Khan

समाजवादी लोहिया वाहिनी ज़िला अध्यक्ष रियाजुल्ला खान मोदी पर निशाना साधते हुए बोले – मुसलमानों को हिन्दुओं का शत्रु बताकर बहुमत हासिल करने वाले मोदी असल में हिन्दुओं के तारणहार नहीं जनशत्रु हैं. भारत में वैश्विक आर्थिक मंदी ने जब दुनिया की आर्थिक महासत्ताओं की कमर तोड़ दी थी तब पूर्ववर्ती सरकार ने भारत को दिवालिया होने से तो बचा लिया पर अपनी सत्ता नहीं बचा पाए. उस वैश्विक आर्थिक मंदी से भारत के मध्यमवर्ग के मुनाफ़े को गहरा झटका लगा. बेरोज़गारी बढ़ी और मध्यमवर्ग की लालच चरम पर पहुँच गई. जिस देश ने सिर्फ़ कंगाली देखी थी उसने उस काल में जमकर घी पीया। पर ये दिल मांगे मोर की मध्यमवर्गीय तृष्णा को तत्कालीन प्रधानमंत्री शांत नहीं कर पाए और विकास के जुमले का शिकार हो गए। देश में पूर्ववर्ती सरकार के काल को भ्रष्टाचार का सबसे काला अध्याय साबित करने के लिए आरएसएस ने भारत की ख़ुफ़िया एजेंसी के पूर्व अधिकारी को षड्यंत्र की बागडोर सौंपी। आरएसएस ने संवैधानिक संस्थाओं में सेंध लगाई और कैग के ज़रिये पूर्ववर्ती सरकार पर कालिख पोत दी. मुनाफ़ाखोर मीडिया ने नकली गांधी (अन्ना हजारे) खड़ा किया। जन्मजात सेक्युलरिज़्म के विरोध में जलते भुनते भारत के कुलीन वर्गीय,सामाजिक कार्यकर्ता,नामी गिरामी वकील आरएसएस प्रायोजित तथाकथित भ्रष्टाचार विरोधी आन्दोलन की बलि चढ़ गए।पूर्ववर्ती सरकार की छवि मलिन हो गई. आरएसएस का षड्यंत्र कामयाब हुआ.

रियाजुल्ला बोले- आरएसएस ने मध्यमवर्ग की लालसा को विकास का जुमला देकर साध लिया. मोदी को विकास पुरुष का अवतार सिद्ध कर मुनाफ़ाखोर मीडिया के बल पर गुजरात को विकास का मॉडल साबित कर दिया. मुंबई में हुए 26 /11 के आतंकवादी हमले ने आग़ में घी का काम किया. पाकिस्तान का तड़का लगा मोदी भारतीय मानस को हिन्दू – मुसलमान में विभाजित करने में कामयाब हो गया. गर्व से हिन्दू बनी भेड़ों ने पहली बार देश में आरएसएस की बहुमत वाली हिन्दू सरकार बनाई! और उस सरकार ने देश के आम हिन्दू को बर्बाद करने की साज़िश के लिए लागू की नोटबंदी| आरएसएस सरकार ने नोटबन्दी करके हिन्दू मज़दूरों, ग़रीब मुसलमानों,छोटे लघु और कुटीर उद्योग की कमर तोड़ दी. भारतीय अर्थव्यवस्था को कालाधन समाप्त करने के नाम पर बर्बाद कर दिया. नोटबंदी आम हिन्दू को बर्बाद करने की साज़िश थी. इस विद्रोह को शांत करने के लिए मोदी ने राष्ट्रवाद का तड़का लगाया और सैनिकों की शहादत पर दोबारा बहुमत हासिल किया। देश विदेश में भारतीय मूल के लोगों को अपनी चुनावी आग में झोंक दिया. शिगूफ़ा छोड़ा भारत के पासपोर्ट का आज दुनिया सम्मान कर रही है. पर ठीक उसके उलटे ट्रम्प ने हज़ारों भारतीयों के वर्किंग वीजा रद्द कर दिए थे।पर भेडें मंगल गीत गाती रहीं.

मोदी पर तीखा प्रहार करते हुए अध्यक्ष रियाजुल्ला खान बोले- न्यायपालिका को रौंद कर भारत की पंथ निरपेक्षता को भगवा रंग दिया. राम मन्दिर निर्माण का ऐलान कर भूख्रे,बेरोज़गार हिन्दुओं के आक्रोश को दबाया. भेड़ों ने नारा लगाया ‘आयेगा तो मोदी ही’ ! व्यक्तिगत आस्था को राष्ट्र की अस्मिता बनाने का दुष्कर्म कर आरएसएस ने ‘भारत एक विचार’ की जड़ों को खोद डाला. अहंकार में डूबी सरकार व्यक्तिवाद का शिकार हो गई. पूरा प्रशासन चरमरा गया. कोरोना में हाहाकार हो गया. चारों ओर मौत ही मौत, शमशान कम पड़ रहे हैं, कब्रिस्तान लाशों से पट गए हैं. एक एक सांस के लिए जनता मारी मारी फिर रही है और विकारी मोदी सरकार ना अस्पताल में बेड का, ना दवा का और ना ही ऑक्सीजन का इंतज़ाम कर पा रही है. हिन्दुओं के दिल में मुसलमानों के खिलाफ़ नफ़रत की आग़ लगा कर मोदी को सत्ता तो मिल गई. पर वो आग़ हिन्दुओं की चिता बन गई. उसी आग़ की चिता में हिन्दू जल रहे हैं. हिन्दू और मुसलमान दोनों मर रहे हैं. विदेशों में भारत की थू थू हो रही है. प्रेम, विविधता और सहिष्णुता भारत की संस्कृति और दुनिया में पहचान है. विकारी संघ ने उसी संस्कृति को मारने के लिए जनमानस में एकाधिकार वाद, हिन्दू बहुलतावाद और श्रेष्ठतावाद का विष भरा है. विदेशी अखबार देश की दुर्गति और मोदी के कुकर्मों से भरे पड़े हैं

लगातार मोदी सरकार पर वार करते हुए रियाजुल्ला बोले- दुनिया ने मान लिया है ‘भारत की जनता नहीं सांस्कृतिक विरासत’ मर गई हैं। मरी हुई संस्कृति के सिंहासन पर बैठा है विकारी शासक! हिन्दुओं के जनशत्रु मोदी और भारत के विध्वंसक आरएसएस का कारनामा दुनिया जान गई है! भेड़ों यह भारतीय पासपोर्ट का सम्मान नहीं देहावसान है! ऐसे में पश्चिम बंगाल से ममता की वापसी, बिहार में राजद के सबसे बड़े दल के रूप में उभरना और अगर 2022 में उत्तरप्रदेश में इनकी सत्ता छिनती है तो शायद भारत की संस्कृति,एकता और संविधान की आत्मा बचे और हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई आपस में सब सब भाई भाई, वाली भावना मजबूत हो जिससे हिंदुस्तान भी मजबूत हो.