दिल्ली में पटाखों पर प्रतिबंध को लेकर हिंदू संगठन का विरोध -भावनाएं आहत करने को लगाया आरोप

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राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ से संबंधित संस्था स्वदेशी जागरण मंच ने दिवाली के दौरान दिल्ली सरकार द्वारा पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का कड़ा विरोध किया है। मंच ने कहा कि यह अनुचित और भावनाओं को आहत करने के उद्देश्य से उठाया गया कदम है। इससे देशभर में पटाखों के उत्पादन और वितरण में लगे लाखों श्रमिकों और अन्य लोगों के रोजगार को झटका लगा है।

स्वदेशी जागरण मंच ने एक बयान में कहा कि उसने अन्य राज्य सरकारों से दीपावली के अवसर पर पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध से बचने का आग्रह किया था, पटाखों के दुष्प्रभावों को दरकिनार करते हुए इसे झूठा प्रचार कहा है।

शनिवार को जारी बयान में कहा गया है कि कुछ समय से बिना किसी तथ्यात्मक जानकारी के सरकारें दिवाली के मौके पर सभी तरह के पटाखों पर प्रतिबंध लगाने जैसी कार्रवाई कर रही हैं, जो पूरी तरह से अनुचित और अवैज्ञानिक है और लोगों की भावनाओं पर हमला है।

शनिवार को जारी बयान में कहा गया कि, “हमें यह जानने की जरूरत है कि पटाखों से होने वाला प्रदूषण मुख्य रूप से चीन से अवैध रूप से आयातित पटाखों के कारण होता है, न कि भारत के हरे पटाखों के कारण। यह उल्लेखनीय है कि चीनी पटाखों में पोटेशियम नाइट्रेट और सल्फर के मिश्रण के कारण प्रदूषण हुआ है।” हालांकि, भारत में बने हरे पटाखों में पोटेशियम नाइट्रेट और सल्फर मिश्रित नहीं होते हैं”।