पीएम मोदी आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गुजरात के इन्वेस्टर्स समिट में लेंगे हिस्सा, जानिए क्या है इस कार्यक्रम का मकसद

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी शुक्रवार, 1को गुजरात में इन्वेस्टर्स समिट में हिस्सा लेंगे. वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इसमें शामिल होंगे. प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) द्वारा इस सप्ताह की शुरुआत में जारी एक प्रेस विज्ञप्ति इस बात की जानकारी दी गई थी.

समिट का आयोजन केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय और राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रूप से स्वैच्छिक वाहन-बेड़े आधुनिकीकरण कार्यक्रम या वाहन स्क्रैपिंग नीति के तहत राज्य में वाहन स्क्रैपिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने में निवेश के अवसरों को आकर्षित करने के लिए किया जा रहा है. इस मौके पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री और गुजरात के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे.

गुजरात में गांधीनगर में निवेशक शिखर सम्मेलन का मकसद अलंग में शिप-ब्रेकिंग उद्योग द्वारा प्रस्तुत निवेश के अवसरों पर ध्यान आकर्षित करना है, जो एक एकीकृत स्क्रैपिंग हब के विकास पर नजर गड़ाए हुए है.

इससे पहले पीएम मोदी ने गुरुवार को आत्मनिर्भर नारी शक्ति से संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े महिला स्वयं-सहायता समूहों की महिला सदस्यों से बात की.

पीएम मोदी ने कहा, “कोरोना में जिस प्रकार से हमारी बहनों ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से देशवासियों की सेवा की वो अभूतपूर्व है. मास्क और सेनेटाइज़र बनाना हो, ज़रूरतमंदों तक खाना पहुंचाना हो, जागरूकता का काम हो, हर प्रकार से आपकी सखी समूहों का योगदान अतुलनीय रहा है.”

उन्होंने कहा, ”आज, 42 करोड़ से अधिक जन धन बैंक खाते हैं, जिनमें से 55 फीसदी महिलाओं के पास हैं. इन खातों में हजारों करोड़ हैं. हमने न सिर्फ बैंक खाते खोले, बल्कि कर्ज भी आसान किया.”

पीएम मोदी ने कहा, ”जब हमारी सरकार आई तो हमने देखा कि देश की करोड़ों बहनें ऐसी थीं जिनके पास बैंक खाता तक नहीं था, जो बैंकिंग सिस्टम से कोसों दूर थीं. इसलिए हमने सबसे पहले जनधन खाते खोलने का बहुत बड़ा अभियान शुरू किया.”

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) की वार्षिक बैठक को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए कहा कि CII की ये बैठक इस बार 75वें स्वतंत्रता दिवस के माहौल में, आज़ादी के अमृत महोत्सव के बीच हो रही है. ये बहुत बड़ा अवसर है, भारतीय उद्योग जगत के नए संकल्पों के लिए, नए लक्ष्यों के लिए. आत्मनिर्भर भारत अभियान की सफलता का बहुत बड़ा दायित्व, भारतीय उद्योगों पर है.