क्रिप्टो करेंसी पर राज्यसभा में बोलीं निर्मला सीतारमण, कहा- यह एक जोखिम भरा क्षेत्र

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संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत हो चुकी है और इसमें पहले दिन से क्रिप्टोकरेंसी को लेकर सवाल-जवाब शुरू हो चुके हैँ। सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को राज्यसभा में बोलते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी का कारोबार एक जोखिम भरा क्षेत्र है और यह नियामक ढांचे में नहीं है। इस लिए इस पर अच्छी-तरह से विचार करना बेहद जरूरी है। 

विज्ञापनों पर प्रतिबंध पर फैसला नहीं
राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सरकार की ओर से अभी तक क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित विज्ञापनों पर किसी तरह का प्रतिबंध लगाने पर कोई फैसला नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और पूंजी बाजार नियामक सेबी के माध्यम से इसको लेकर जागरुकता पैदा करने को कदम उठाए गए हैं। इसे लेकर तैयार किया गया क्रिप्टोकरेंसी बिल जल्द ही पेश किया जाएगा। 

भारत में क्रिप्टो से जुड़े धोखाधड़ी के आठ मामले
क्रिप्टो करेंसी के कारोबार में जोखिम का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इसके संभावित खतरों को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने एक सवाल के लिखित उत्तर में कहा कि भारत में क्रिप्टो करेंसी से संबंधित धोखाधड़ी के मामले देखने को मिले हैं। इस तरह के आठ मामलों की प्रवर्तन निदेशालय द्वारा फिलहाल जांच की जा रही है।

पहले दिन बिटक्वाइन को लेकर उठा था सवाल
शीतकालीन सत्र के पहले दिन बिटक्वाइन के लेन-देन को लेकर पूछे गए सवाल का उत्तर देते हुए वित्त मंत्री ने लोकसभा में कहा था कि भारत सरकार बिटक्वाइन लेनदेन पर डाटा एकत्र नहीं करती है। उन्होंने कहा था कि देश में बिटक्वाइन को मुद्रा के रूप में मान्यता देने का कोई प्रस्ताव नहीं है। 

आरबीआई डिजिटल मु्द्रा पर कर रहा काम
वित्त मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) डिजिटल मुद्राओं के उपयोग के मामलों की जांच कर रहा है और केंद्रीय बैंक अपनी डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) की शुरुआत के लिए चरणबद्ध कार्यान्वयन रणनीति पर काम कर रहा है, जिसमें कोई व्यवधान नहीं है।