IND vs ENG: रोमांचक मोड़ पर पहुंचा ओवल टेस्ट – चौथे दिन के खेल तक इंग्लैंड और भारत दोनों जीत के दावेदार

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शार्दुल ठाकुर और ऋषभ पंत की शतकीय साझेदारी से इंग्लैंड को बड़ा लक्ष्य देने वाला भारत 32 ओवरों में कोई सफलता हासिल नहीं कर पाने के कारण रविवार को ओवल में चौथे टेस्ट मैच में जीत की अपनी उम्मीदों को पंख नहीं लगा पाया। भारत ने अपनी दूसरी पारी में 466 रन बनाएकर इंग्लैंड के सामने 368 रन का लक्ष्य रखा। चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक इंग्लैंड ने बिना किसी नुकसान के 77 रन बनाए हैं। इस तरह से इंग्लैंड अब लक्ष्य से 291 रन दूर है। भारत ने पहली पारी में 191 रन बनाए थे जिसके जवाब में इंग्लैंड ने 290 रन बनाएकर 99 रन की बढ़त ली थी।

ओवल में अब तक कोई भी टीम से 263 रन से अधिक का लक्ष्य हासिल नहीं कर पायी है, लेकिन पिच अब भी बल्लेबाजी के लिए अनुकूल है। रोरी बर्न्स (नाबाद 31) और हसीब हमीद (नाबाद 43) ने जिस तरह से भारत को विकेट के लिएतरसाए रखा उससे गेंदबाजों को लग गया होगा कि पांचवें दिन उन्हें विकेट हासिल करने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने होंगे। भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में निचले क्रम के बल्लेबाजों का योगदान अहम रहा। पहली पारी में 57 रन बनाएने वाले ठाकुर ने 72 गेंदों पर 60 रन बनाए, जिसमें सात चौके और एक छक्का शामिल है। पंत ने 106 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 50 रन की पारी खेली। इन दोनों ने सातवें विकेट के लिए 100 रन की साझेदारी की। उमेश यादव ने 25 और जसप्रीत बुमराह ने 24 रन का उपयोगी योगदान दिया।

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इंग्लैंड की तरफ से क्रिस वोक्स ने 83 रन देकर तीन विकेट लिए। उनके अलावा ओली रॉबिन्सन और मोईन अली ने दो-दो जबकि जेम्स एंडरसन, क्रेग ओवरटन और कप्तान जो रूट ने एक-एक विकेट लिया। इसके बाद बर्न्स और हमीद ने बेहद सतर्कता और सहजता के साथ बल्लेबाजी की। ऐसे में भारत को ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन की कमी खली जिन्हें अभी तक पांच मैचों की सीरीज में खेलने का मौका नहीं मिला है। कप्तान विराट कोहली ने आठवें ओवर में बाएं हाथ के स्पिनर रविंद्र जडेजा के गेंद सौंप दी थी। उन्होंने 13 ओवर किये लेकिन विकेट हासिल नहीं कर पाये। इसके बावजूद पांचवें दिन उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी। भारतीय टीम चौथे दिन विकेट लेने के लिए बेताब दिखी और इस बीच उसने एक रिव्यू भी गंवाया।

इससे पहले भारत ने सुबह तीन विकेट पर 270 रन से आगे खेलना शुरू किया तथा पहले सेशन में तीन विकेट गंवाकर 59 रन जोड़े। ठाकुर और पंत के प्रयास से भारत ने दूसरे सेशन में 26 ओवर में 116 रन बनाए और दो विकेट गंवाए। इससे पहले सेशन में वापसी करने वाला इंग्लैंड बैकफुट पर पहुंच गया। पंत को अपने तीखे तेवरों के लिए जाना जाता है लेकिन वह ठाकुर थे जिन्होंने अपने इस साथी की तुलना में अधिक आक्रामक और आकर्षक बल्लेबाजी की। ठाकुर के तीन स्ट्रेट ड्राइव भी तीसरे दिन रोहित शर्मा (127) और चेतेश्वर पुजारा (61) के शॉट जैसे ही आकर्षक थे। ओली रॉबिन्सन ने जब धीमी गेंद करके ठाकुर को चकमा देने की कोशिश की तो उन्होंने उसे लांग ऑन पर छक्के के लिएभेजा और इसी ओवर में अपने करियर का तीसरा और मैच का दूसरा अर्धशतक पूरा किया। ठाकुर ने पहली पारी में भारतीय पारी में सर्वाधिक रन बनाए थे।

पंत ने रणनीतिक बल्लेबाजी की। उन्होंने शुरू में स्ट्राइक रोटेट करने पर ध्यान दिया लेकिन बाद में कुछ अच्छे शॉट लगाए। आखिर में रूट को स्वयं गेंद थामनी पड़ी और वह अपनी ऑफ स्पिन से साझेदारी तोड़ने में भी सफल रहे।। ठाकुर पूरे नियंत्रण के साथ बल्लेबाजी कर रहे थे लेकिन रूट की गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर स्लिप में चली गई। पंत ने मोईन के अगले ओवर में अपना सातवां अर्धशतक पूरा करने के तुरंत बाद बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में गेंदबाज को वापस कैच थमाया। भारत ने पहले सेशन में कल के नाबाद बल्लेबाजों जडेजा (59 गेंदों पर 17) और कोहली (96 गेंदों पर 44) के अलावा अजिंक्य रहाणे का भी विकेट गंवाया जो खाता भी नहीं खोल पाए।

वोक्स ने गेंद थामते ही जडेजा को पगबाधा आउट कर दिया। वोक्स के इस ओवर में रहाणे को भी पगबाधा आउट दे दिया गया था लेकिन डीआरएस में फैसला भारत के पक्ष में गया। रहाणे इसका फायदा नहीं उठा पाए और वोक्स के अगले ओवर में एलबीडब्ल्यू की अपील पर जब अंपायर की उंगली उठी तो डीआरएस की भी गुंजाइश नहीं थी। इससे आखिरी टेस्ट मैच के लिए प्लेइंग इलेवन में उनकी जगह खतरे में दिख रही है। कोहली भी अर्धशतक भी पूरा नहीं कर पाए। जो रूट ने जल्द ही गेंद स्पिनर मोईन अली को थमा दी और उन्होंने पहले ओवर में कोहली का कीमती विकेट लिया। भारतीय कप्तान ने टर्न लेती गेंद पर स्लिप में आसान कैच दिया। भारत की बढ़त तब केवल 213 रन की थी।