दिल्ली में किसानों के उपद्रव पर मायावती का बयान, समस्या से निपटने के लिए केंद्र को इसे अति-गंभीरता से लेना चाहिए

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Mayawati

दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर हुए दंगों को लेकर अब राजनीतिक भी खूब हो रही है। दिल्ली में दंगों को लेकर बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने भी ट्वीट कर दुख जताया है। मायावती ने ट्वीट कर कहा कि देश की राजधानी दिल्ली में कल गणतंत्र दिवस के दिन किसानों की हुई ट्रैक्टर रैली के दौरान जो कुछ भी हुआ, वह कतई भी नहीं होना चाहिए था। यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण था। उन्होंने केंद्र को सलाह देते हुए कहा कि केन्द्र की सरकार को भी इसे अति-गंभीरता से ज़रूर लेना चाहिए।

साथ ही मायावती ने कहा, बहुजन समाज पार्टी की केन्द्र सरकार से एक बार यह अपील है कि वह तीनों कृषि कानूनों को तुरंत वापिस लेकर किसानों के लम्बे अरसे से चल रहे आन्दोलन को खत्म करे ताकि आगे फिर से ऐसी कोई अनहोनी घटना कहीं भी न हो सके।

किसानों पर आंसू गैस छोड़ना और लाठीचार्ज करना अस्वीकार्य
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान कुछ जगहों पर पुलिस एवं किसानों के बीच झड़प होने के बाद मंगलवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी ने इस बारे में ट्वीट करते हुए कहा कि किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़ना और लाठीचार्ज करना ‘अस्वीकार्य’ है। येचुरी ने ट्वीट किया, ‘किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़ना और लाठीचार्ज करना अस्वीकार्य है। दिल्ली पुलिस और संयुक्त किसान मोर्चा के बीच सहमति के बाद यह क्यों हुआ? सरकार टकराव को क्यों हवा दे रही है? सरकार को शांतिपूर्ण ट्रैक्टर परेड की अनुमति देनी चाहिए।’

83 पुलिसकर्मी घायल
किसानों ने आज गणतंत्र दिवस के मौके पर कई जगह पर पुलिसकर्मियों पर हमला किया और जमकर उत्पात मचाया। प्रदर्शनकारी हाथ में डंडे लेकर पुलिसकर्मियों को दौड़ाते हुए भी दिखे। इस हिंसा में 83 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। दिल्ली के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आलोक कुमार ने कहा कि ट्रैक्टर रैली में पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि उपद्रवियों ने इस दौरान सार्वजनिक संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया।