कूचबिहार की घटना के बाद अब ममता के निशाने पर चुनाव आयोग, कहा- MCC का नाम मोदी कोड ऑफ कंडक्ट रख लीजिए

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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के चौथे चरण में वोटिंग दौरान जमकर हिंसा देखने को मिली और कूचबिहार इलाके में चार लोगों की मौत भी हो गई। कूचबिहार में चार लोगों की मौत पर जारी घमासान के बीच चुनाव आयोग ने किसी भी राजनीतिक दल के कूचबिहार जाने पर रोक लगा दी है। चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद ममता बनर्जी ने आयोग पर सीधा हमला बोला है और कहा है कि चुनाव आयोग को एमसीसी (मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट) का नाम बदलकर मोदी कोड ऑफ कंडक्ट रख देना चाहिए।

रविवार को कूचबिहार मामले पर ट्वीट करते हुए ममता बनर्जी ने लिखा, चुनाव आयोग को MCC का नाम बदलकर मोदी कोड ऑफ कंडक्ट रख लेना चाहिए। भाजपा भले ही अपनी पूरी ताकत लगा ले, मगर इस दुनिया में मुझे कोई भी अपने लोगों के साथ होने और उनके दर्द बांटने से नहीं रोक सकती।’ उन्होंने आगे लिखा, वे मुझे कूचबिहार में अपने भाई-बहनों से मिलने से तीन दिन के लिए रोक सकते हैं, मगर मैं चौथे दिन वहां रहूंगी।

दरअसल, चुनाव आयोग ने किसी भी नेता के कूचबिहार जाने पर 72 घंटे तक रोक लगा दी है। इस आदेश के बाद ममता बनर्जी के कूचबिहार दौरे पर पर विराम लग गया है। हिंसा के बाद ममता बनर्जी ने कहा था कि वो रविवार को कूचबिहार जाएंगी।

यहां जानना जरूरी है कि निर्वाचन आयोग ने कूचबिहार जिले में हिंसा के बाद शनिवार को पश्चिम बंगाल में जारी विधानसभा चुनावों के दौरान कुछ पाबंदियां लगाई हैं। आयोग ने कानून-व्यवस्था की स्थिति और बिगड़ने की किसी भी आशंका से बचने के लिए कूचबिहार जिले में अगले 72 घंटों तक नेताओं के प्रवेश पर रोक लगा दिया है। इसके अलावा राज्य में पांचवें चरण के मतदान से पहले प्रचार खत्म करने की सीमा 48 घंटे से बढ़ाकर 72 घंटे कर दिया है।

राज्य में चौथे चरण के मतदान के दौरान शनिवार को जिले में कथित तौर पर स्थानीय लोगों द्वारा केंद्रीय बलों पर हमले और उनकी राइफलें छीनने की कोशिश के बाद केंद्रीय बलों द्वारा की गई गोलीबारी में चार लोगों की मौत के बाद आयोग ने यह पाबंदियां लगाई हैं। निर्वाचन आयोग के आदेश में कहा गया, “भारत निर्वाचन आयोग निर्देश देता है कि पांचवें चरण (17 अप्रैल को होने वाले चुनाव) के लिये चुनाव प्रचार नहीं होने की अवधि को बढ़ाकर 72 घंटे किया जाएगा।

आयोग ने कहा कि मतदान से 72 घंटे पहले प्रचार की इजाजत नहीं दी जाएगी जिससे स्वतंत्र, निष्पक्ष व शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित हो सकें। आम तौर पर मतदान से 48 घंटे पहले रोक दिया जाता है। आदेश में यह भी कहा गया कि नौ विधानसभा क्षेत्रों वाले कूच बिहार में जहां मतदान शनिवार को संपन्न हो गया वहां किसी भी राष्ट्रीय, क्षेत्रीय या अन्य दल के राजनेता को अगले 72 घंटों तक जिले की भौगोलिक सीमा में दाखिल होने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए।