पाकिस्तान में भीषण रेल हादसा, सिंध में दो ट्रेनों की टक्कर में 30 की मौत, 50 से ज्यादा जख्मी

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पड़ोसी देश पाकिस्तान में सोमवार तड़के एक भीषण रेल हादसा हो गया। सिंध प्रांत के डहारकी में दो ट्रेनों के बीच टक्कर हो गई, जिससे 30 से ज्यादा लोगों की जान चली गई और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। 

पाकिस्तान के सिंध प्रांत के घोटाकी जिले के डहारकी में सोमवार तड़के करीब 3:45 बजे मिल्लत एक्सप्रेस और सर सैय्यद एक्सप्रेस की आपस में टक्कर हो गई। इससे मिल्लत एक्सप्रेस के आठ डिब्बे पटरी से उतर गए। मिली सूचना के मुताबिक, अब तक 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 50 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। घायलों में से कई की हालत गंभीर बनी हुई है। मृतकों की संख्या में इजाफा हो सकता है। घोटाकी जिले के डिप्टी कमिश्नर ने मौतों की पुष्टि की है।

मिल्लत एक्सप्रेस की कई बोगियां अनियंत्रित होकर दूसरी ट्रैक पर जा गिरीं और सामने से आ रही सर सैयद एक्सप्रेस उससे टकरा गई। इस कारण मिल्लत एक्सप्रेस की 8 और सर सैयद एक्सप्रेस की इंजन समेत चार बोगियों ट्रैक से उतर गईं। मिल्लत एक्सप्रेस कराची से सरगोधा और सर सैयद एक्सप्रेस रावलपिंडी से कराची जा रही थी।

छह से आठ बोगियां को हुआ भारी नुकसान
पाकिस्तानी अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।  घोटाकी जिले के डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि हादसे में 13 से 14 बोगियां पलट गई हैं। इनमें से 6 से 8 को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि कई लोग अभी भी बोगियों में फंसे हुए हैं और उन्हें निकालने में काफी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। डेप्युटी कमिश्नर ने कहा कि राहत ट्रेन को रवाना कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि घायलों को ट्रैक्टर ट्रॉली के जरिये ले जाया जा रहा है।  घोटाकी, धारकी, ओबरो और मीरपुर मथेलो के अस्पतालों में आपात स्थिति घोषित करके सभी डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को ड्यूटी पर बुलाया गया है।

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रेस्क्यू टीम पहुंच चुकी है, जिसके बाद राहत बचाव कार्य शुरू हो गया है। हालांकि, अभी तक हेवी कटर्स और मशीनरी यहां नहीं पहुंची है। ट्रेन हादसे की वजह से कई ट्रेनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है।

अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि राहत और बचाव काम कब तक चलेगा। कमिश्नर ने कहा कि यह बहुत चुनौतीपूर्ण काम है। बोगियों में फंसे लोगों को निकालने के लिए बड़ी मशीनों को घटनास्थल पर लाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सभी डॉक्टरों को काम पर बुला लिया गया है। यात्रियों को राहत देने के लिए मेडिकल कैंप बनाया जा रहा है।

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