महाराष्ट्र : विधानसभा मानसून सत्र का आज आखिरी दिन, नए कृषि कानून सहित कई अहम मुद्दों पर लाए गए प्रस्ताव

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महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे और अंतिम दिन कई अहम मुद्दों पर प्रस्ताव लाए गए. इनमें नए कृषि कानून, ओबीसी आरक्षण, कोविड-19 वैक्सिनेशन को सबसे जरूरी कहा जा रहा है. कैबिनेट, कृषि कानून में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी देने के लिए तैयार हो गई है. सत्र के दौरान विधानसभा से 12 विधायकों को एक साल के लिए निलंबित कर दिया गया है. सोमवार को हुई हंगामेदार शुरुआत के साथ ही भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने अध्यक्ष पद के लिए जल्दी चुनाव कराने, एमपीएससी परीक्षा समेत कई मु्द्दों को लेकर जमकर प्रदर्शन किया.

बीते रविवार को हुई बैठक में सदस्यों ने कृषि कानूनों को अस्वीकार करने पर सहमति जताई थी. विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले ऑल इंडिया किसान संघर्ष कॉर्डिनेशन कमेटी ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की सरकार से कानून वापस लेने की अपील की थी. साथ ही यह भी कहा था कि इनमें बदलाव किसानों का खास मदद नहीं कर सकेंगे. फिलहाल, कैबिनेट ने इनमें संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है.

सूत्रों ने जानकारी दी है कि मंगलवार को सरकार से हर महीने तीन करोड़ वैक्सीन की मांग का प्रस्ताव भी पास हो सकता है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में हर रोज 10 से 14 लाख लोगों को वैक्सीन लगाने की क्षमता है, लेकिन राज्य में सबसे ज्यादा आंकड़ा आठ लाख रहा है. सूत्रों ने बताया कि राज्य हर्ड इम्युनिटी के लिए आबादी को जल्द से जल्द टीका लगा सकता है, लेकिन इसके लिए उसे केंद्र से और डोज की जरूरत है. अटकलें लगाई जा रही हैं कि इस प्रस्ताव के चलते सरकार और विपक्ष के बीच तनातनी बढ़ सकती है.

भाषा के अनुसार, महाराष्ट्र विधानसभा ने सोमवार को एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र से अनुरोध किया कि वह 2011 की जनगणना के आंकड़े मुहैया कराए, जिससे राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ओबीसी आबादी को लेकर एक अनुभवजन्य आंकड़ा तैयार कर सके, जिसका मकसद स्थानीय निकायों में समुदाय के लिए राजनीतिक आरक्षण को बहाल करने का प्रयास करना है.

इधर, पीठासीन अधिकारी भास्कर जाधव से बदसलूकी के आरोप के चलते 12 विधायकों को निलंबित किया गया है. इसके बाद इन विधायकों ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात कर मामले में दखल देने की मांग की थी. इस मुद्दे को लेकर सुबह बीजेपी विधायकों ने मुंबई स्थित राज्य विधानसभा के बाहर अपने विधायकों के निलंबन के खिलाफ प्रदर्शन किया.