23 साल में अभी तक सैलरी मिली सिर्फ 36 लाख लेकिन 5 करोड़ के संपत्‍ति का मालिक बन बैठा मध्य प्रदेश का यह प्राइमरी टीचर

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मध्यप्रदेश के एक प्राथमिक स्कूल के शिक्षक के पास से सवा पांच करोड़ रुपये की संपत्ति मिली है। यह चौंकाने वाला खुलासा लोकायुक्त भोपाल की दस सदस्यीय टीम की जांच में हुआ। मंगलवार को यह जांच की गई थी। टीम ने सुबह छह बजे प्राथमिक स्कूल के शिक्षक पंकज रामजन्म श्रीवास्तव के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। 

इन ठिकानों में भोपाल का मिनाल रेसीडेंसी स्थित मकान नंबर डी 413 और सारणी-बगडोना में एमजीएम कॉलोनी के घर शामिल हैं। इन छापेमारी से पंकज की बैतूल, छिंदवाड़ा, भोपाल और नागपुर में 24 से ज्यादा प्रॉपर्टी की जानकारी मिली है। जिसमें समरधा में प्लॉट, पिपरिया जाहिरपीर में एक एकड़ भूमि, छिंदवाड़ा में छह एकड़ भूमि, बैतूल में आठ आवासीय प्लॉट, बगडोना में छह दुकान और दस अलग-अलग गांवों में कुल 25 एकड़ की कृषि भूमि शामिल है। 

बता दें कि पंकज घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के रेंगाढाना में स्थित एक प्राथमिक स्कूल में शिक्षक है। फिलहाल पंकज की संपत्ति को लेकर अभी जांच चल रही है। पंकज के खिलाफ आय से ज्यादा संपत्ति और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। 

टीम की ओर से की गई छापेमारी में पता चला कि पंकज क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों को ऊंची ब्याज दर पर कर्जा देता था और उनकी संपत्ति को गिरवी रखता था। कर्ज लेने वाले अगर पैसा नहीं चुका पाते थे तो पंकज उनकी संपत्ति अपने नाम करवा लेता था। पंकज ने अपने मित्र के साथ श्रीराम आईटीआई संस्था के निर्माण कार्य में करीब 50 लाख रुपये का निवेश किया है। 

लोकायुक्त अधिकारी डॉक्टर सलिल शर्मा का कहना है कि पंकज ने 1998 में शिक्षा विभाग में 2,256 रुपये के वेतन पर नौकरी ज्वाइन की थी। मौजूदा समय में पंकज का वेतन करीब 40,000 रुपये प्रति महीना है। लोकायुक्त अधिकारी ने बताया कि 23 साल की नौकरी में पंकज को 36,50,500 रुपये का वेतन मिला। 

अधिकारी ने कहा कि इस वेतन से उसने करोड़ों की संपत्ति कैसे बना ली, ये जांच का विषय है। अधिकारी ने कहा कि आय और व्यय की गणना होगी, पंकज के पास से नकदी ज्यादा बरामद नहीं हुई है। पंकज के पिता वेस्टर्न कोल फील्ड लिमिटेड में पाथाखेड़ा सर्वेयर थे। पंकज ने बताया कि उन्हें रिटायरमेंट के बाद बड़ी राशि मिली थी।