लखनऊ में अलर्ट जारी, माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में 10 लोगों को कोरोना संक्रमण होने से हड़कंप, बने 337 माइक्रो कंटेनमेंट जोन

222
corona pandemic
corona pandemic

उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ता जा रहा है. इसमें लखनऊ सबसे ज्यादा प्रभावित है. रोज यहां 200 से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं. जानकारी के अनुसार राजधानी लखनऊ में 337 माइक्रो कंटेंटमेंट जोन बनाए गए हैं. जहां 2 से अधिक केस मिले हैं, उन इलाकों को माइक्रो कंटेनमेंट जोन में तब्दील किया गया है. तीन इलाके ऐसे हैं, जहां 5 से अधिक केस मिले हैं, उन्हें कंटेंटमेंट जोन बनाया गया है.

इसी क्रम में शुक्रवार को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में 10 लोगों को कोरोना संक्रमण होने से हड़कंप मच गया. पता चला है कि निदेशलय में 5 अधिकारी और 5 कर्मचारी पॉजिटिव हुए हैं. बाकी अधिकारियां, कर्मचारियों की जांच जारी है.

पॉजिटिव पाए गए अधिकारियों में मंजु शर्मा, अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा, विवेक नौटियाल उप निदेशक, उप निदेशक विकास श्रीवास्तव, दीप चंद, प्रेम चंद पॉजिटिव पए गए हैं. इनके अलावा विधि अधिकारी डीके राठौर को भी कोरोना संक्रमण हो गया है. वहीं 5 कार्यालय सहायक भी हुए कोरोना पॉजिटिव हुए हैं.

उधर लखनऊ में कोरोना के बढ़ते प्रकोप के चलते राजधानी में अलर्ट घोषित हो गया है. जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने कंटेनमेंट इलाकों दौरा किया. डीएम ने नरही इलाके में स्थित कंटेंटमेंट इलाके का औचक निरीक्षण किया. इस वक्त नरही बाजार में, जिसे कंटेनमेंट जोन बनाया गया है, पूरे इलाके को सील कर दिया गया है. यहां सैनेटाइजेशन किया जा रहा है. जिलाधिकारी खुद इस पूरे इलाके का मुआयना कर रहे हैं. आने-जाने पर रोक लगा दी गई है. कोविड-19 के दूसरे चरण में सबसे पहले इस इलाके को सील किया गया है और कंटेनमेंट जोन में तब्दील किया गया है.

बता दें कल गुरुवार को लखनऊ में 237 कोरोना के नए केस मिले थे. उत्तर प्रदेश में सबसे ज़्यादा कोरोना के एक्टिव केस लखनऊ में ही हैं.

जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने कहा कि हमने पूरे लखनऊ को शहर को 11 भागों में बांटा है और देहात एरिया को 8 भागों में बांटा है. हर कंटेनमेंट जोन में एक नगर निगम का कर्मचारी, एक स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी और एक पुलिस विभाग के कर्मचारी तैनात किए गए हैं. सभी एरिया का प्रॉपर सैनिटाइजेशन कराया जा रहा है. जिन इलाकों को सील किया गया है, वहां पर होम डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध है. या फिर प्रशासन उन्हें सुविधा मुहैया करा रहा है. जो लोग मास्क नहीं लगा रहे हैं या कोविड-19 के प्रोटोकाल का अनुपालन नहीं कर रहे हैं. उनका चालान भी किया जा रहा है.