किसान आंदोलन: टिकैत बोले- मिले हैं हिंसा के इनपुट, आधार कार्ड और पांच जमानती देने पर मिलेगी आंदोलन में रुकने की इजाजत

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    यूपी गेट पर आंदोलन स्थल में किसानों को भी कैंप में रुकने के लिए आधार कार्ड की कॉपी के साथ पांच जमानती देने होंगे। यूपी-उत्तराखंड में हिंसा के इनपुट मिलने पर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कैंपों में रुकने वालों की पड़ताल कराने का निर्णय लिया है। शनिवार शाम उन्होंने कहा कि यूपी-उत्तराखंड में चक्का जाम के दौरान ऐसी सूचना थी कि कुछ लोग हाथ में तिरंगा, किसानों का झंडा लेकर व कैंप लगाकर रास्ता रोकेंगे। फिर किसान आंदोलन को बदनाम करने के लिए दोनों राज्यों में पांच जगह तोड़फोड़ की योजना थी। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि ऐसे लोगों को पकड़ने के बाद पुलिस को सौंपकर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। 

    तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन को रविवार को 74 दिन पूरे हो गए। इस बीच राकेश टिकैत ने शनिवार को कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर पूरे देश में चक्का जाम का कार्यक्रम सफल और शांतिपूर्ण रहा। तीन घंटे के एलान के बाद किसान एक मिनट भी सड़कों पर नहीं रहा, लेकिन उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में चक्का जाम इस कारण नहीं हुआ कि दोनों जगह पर कुछ लोगों द्वारा चार-पांच जगह पर तोड़फोड़ करने की योजना थी। इस दोनों राज्यों में कार्यक्रम टाल दिया गया था। इसके बाद कहा कि हमारा मकसद किसी भी जगह पर तोड़फोड़ करने का नहीं है। उन्होंने शरारती तत्वों को कड़े शब्दों में कहा कि यदि कोई भी यहां माहौल खराब करता या गलत हरकत करता पकड़ा गया तो उसे पुलिस के हवाले कर केस दर्ज कराया जाएगा। 

    राकेश टिकैत ने कहा कि अब यूपी गेट पर आंदोलन स्थल में किसानों की लगातार बढ़ती संख्या और हिंसा के इनपुट पर किसी भी किसान को बिना आधार कार्ड या पांच ग्रांटर के कैंपो में नहीं रुकने दिया जाएगा। सभी लोगों की पड़ताल की जाएगी। जो भी संदिग्ध व्यक्ति या कुछ गलत बोलते पकड़ा गया तो उसी जांच के बाद पुलिस को सौंपा जाएगा। साथ ही संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।