Happy Birthday Salman Khan: सलमान खान का 55 वां जन्मदिन, 3 दशक लम्बे करियर के वो ख़ास पल ,जब सलमान ने अपने आप को साबित किया

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सफलता और स्टारडम का बेजोड़ नाम सलमान खान ने 27 दिसम्बर को उम्र का 55वां पड़ाव पार कर लिया। सलमान खान इंडस्ट्री में हिट फिल्में देने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि सलमान की लाइफ में एक दौर ऐसा भी था, जब उनकी हर फिल्में एक के बाद एक फ्लॉप हो रही थीं। मगर, सलमान हर बार गिर उठे और पहले से अधिक ताक़त के साथ बुलंदी की ओर बढ़े। सलमान के करियर के ऐसे ही 3 पड़ाव।

पहला पड़ाव- मैंने प्यार किया- 1989

सलमान ने साल 1988 में ‘बीबी हो तो ऐसी’ से बॉलीवुड में डेब्यू एक्टर के तौर पर डेब्यू किया था। इस फ़िल्म में उन्होंने सहयोगी किरदार निभाया था, जो मुख्य किरदार निभाने वाली वेटरन एक्ट्रेस रेखा के देवर का था। फारूक शेख़ सलमान के बड़े भाई के किरदार में थे। मगर, सलमान को रातों-रात सुपरस्टार बनाया सूरज बड़जात्या की फ़िल्म मैंने प्यार किया ने। 1989 में आयी ये फिल्म ब्लॉकबस्टर रही थी। इसके बाद उनकी एक के बाद एक तीन और फिल्में ‘बागी’, ‘पत्थर के फूल’ और ‘सनम बेवफा’ सुपरहिट रहीं। इसके बाद शुरू हुआ सलमान की फ्लॉप फिल्मों का सिलसिला। कुर्बान, लव, सूर्यवंशी समेत क़रीब 10 ऐसी फ्लॉप फ़िल्में सलमान ख़ान की फिल्मोग्राफी में जुड़ गयीं, जिनमें वो सोलो लीड में थे। इस बीच बस साजन हिट रही थी, जिसमें उनके साथ संजय दत्त और माधुरी दीक्षित ने मुख्य भूमिकाएं निभायी थीं।

दूसरा पड़ाव- हम आपके हैं कौन- 1994

सलमान के लिए यह बड़ा झटका था। इस दौर में वो पूरी तरह से निराश हो गए थे। तभी उनकी किस्मत ने ऐसी पलटी मारी, जिसका अंदाजा खुद सलमान को नहीं था। बता दें कि उनकी डूबती नैया को एक बार फिर से संभाला डायरेक्टर सूरज बड़जात्या ने। सलमान के हाथ लगी बड़जात्या की फिल्म ‘हम आपके हैं कौन’। 1994 में आयी ये फिल्म ब्लॉकबस्टर रही। इस फिल्म में उनके अपोजिट माधुरी दीक्षित लीड रोल में थीं। हम आपके हैं कौन ने एक बार फिर सलमान को कामयाबी के​ ​शिखर पर ​बैठा दिया था। यह दूसरा पड़ाव था। हालांकि, कामयाबी का दौर ज़्यादा लम्बा नहीं चला।

सलमान का करियर फ्लॉप और हिट फ़िल्मों के बीच डोलता रहा। सोलो लीड वाली उनकी अधिकतर फ़िल्में होती रहीं। इनमें चांद का टुकड़ा, संगदिल सनम, वीरगति, मझदार, ख़ामोशी- द म्यूज़िकल जैसी फ़िल्में शामिल हैं।

तीसरा पड़ाव- जुड़वां- 1997

सलमान के करियर का तीसरा अहम पड़ाव आया 1997 की फ़िल्म जुड़वां के साथ। डेविड धवन निर्देशित इस कॉमेडी फ़िल्म में सलमान ने पहली बार डबल रोल निभाया था। फ़िल्म हिट रही और एक बार फिर सलमान भरोसा जीतने में कामयाब रहे। इसके बाद सलमान का करियर कुछ संभला, मगर फ्लॉप फ़िल्मों का सिलसिला नहीं रुका। 1998 से 2003 तक सलमान का करियर ठीक चला। बॉक्स ऑफ़िस पर उनकी ज़्यादातर फ़िल्में चलती रहीं, भले ही बहुत बड़ी हिट ना हों, मगर नुक़सान नहीं दिया। 2004 से एक बार फिर सलमान का करियर डगमगाने लगा, जो 2006 तक जारी रहा। कुछ फ़िल्में हिट होतीं और ढेर सारी फ्लॉप। लकी नो टाइम फॉर लव, शादी करके फंस गया यार, क्योंकि, दिल ने जिसे अपना कहा जैसी फ़िल्में नहीं चलीं। इस बीच आयी नो एंट्री सफल रही थी।

चौथा पड़ाव- पार्टनर- 2007

सलमान के फ्लॉप जाते करियर को संभाला डेविड की पार्टनर ने, जो 2007 में आयी। गोविंदा और कटरीना कैफ ने सहयोगी भूमिकाएं निभायीं। हालांकि, यह सफलता अधिक समय तक नहीं रही। एक बार फिर बुरे दिन शुरू हुए और उनकी फिल्में फ्लॉप होने लगी थीं। मैरीगोल्ड, सांवरिया, गॉड तुसी ग्रेट हो, हेलो, युवराज फ्लॉप रहीं।

पांचवां पड़ाव- वॉन्टेड- 2009

सलमान ख़ान के लगातार फ्लॉप से जूझते करियर को प्रभुदेवा की वॉन्टेड ने संभाला, जो 2009 में आयी। प्रभुदेवा के साथ सलमान फ़िलहाल राधे- योर मोस्ट वॉन्टेड भाई की शूटिंग कर रहे हैं। 2009 में आयीं मैं और मिसेज खन्ना, और लंदन ड्रीम्स फ्लॉप रही थीं, मगर वॉन्टेड की सक्सेस इतनी बड़ी थी कि इन दोनों के फ्लॉप होने का असर नहीं पड़ा। फिर अगले ही साल 2010 में आयी दबंग की सफलता ने को नया मुकाम दिया। इसके बाद सलमान ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और साल-दर-साल पहले से अधिक मजबूत होते गये। 2010 के बाद सलमान की मुख्य भूमिकाओं वाली फ़िल्में बॉक्स ऑफ़िस पर कम से कम 100 करोड़ का कलेक्शन कर रही हैं। कुछ 200 और 300 करोड़ क्लब में भी पहुंची हैं।