निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने लागू की RoDTEP स्कीम, 8555 आइटम पर मिलेगा 12,400 करोड़ का रिफंड

261

केंद्र सरकार ने निर्यात उत्पादों पर शुल्क और कर छूट योजना (रोड़टेप स्कीम) के तहत दरों तथा इसके गाइडलाइंस का नोटिफिकेशन जारी किया है. इस योजना से एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा. सरकार ने समुद्री उत्पादों, धागे, डेयरी उत्पादों सहित कुल 8,555 उत्पादों के लिए दरों की घोषणा की है. एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि सरकार ने रोड़टेप के तहत चालू वित्त वर्ष में रिफंड के लिए कुल 12,454 करोड़ रुपये की राशि रखी है. रोड़टेप योजना के तहत निर्यात को प्रोत्साहन के लिए निर्यातकों को विभिन्न केंद्रीय और राज्य शुल्कों की वापसी की जाती है.

विदेश व्यापार महानिदेशालय की ओर से मंगलवार को जारी नोटिफिकेशन के अनुसार सरकार ने एक जनवरी, 2021 से रोड़टेप योजना का लाभ सभी उत्पादों पर देने का फैसला किया है. विभिन्न क्षेत्रों के लिए दरें 0.5 फीसदी, 2.5 फीसदी और 4 फीसदी है. इसके अलावा सरकार ने स्कीम के गाइडलाइंस का भी नोटिफिकेशन जारी किया गया है.

वाणिज्य मंत्रालय ने बयान में कहा, “केंद्र ने रोड़टेप के दिशानिर्देशों और दरों को अधिसूचित कर दिया है. ये दरें 8,555 उत्पादों के लिए हैं.”

वाणिज्य सचिव बीवी आर सुब्रमण्यम ने कहा कि आरओडीटीपी तथा राज्य और केंद्रीय करों और शुल्कों से छूट दोनों योजनाओं के लिए 2021-22 में कुल 19,400 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध होगी. योजना के लिए 12,454 करोड़ रुपये तथा शेष 6,946 करोड़ रुपये आरओएससीटीएल के लिए उपलब्ध होंगे.

बता दें आरओडीटीईपी योजना इस साल एक जनवरी से प्रभाव में आई है ऐसे में जनवरी से मार्च की अवधि के लिए आनुपातिक आधार पर अतिरिक्त कोष उपलब्ध कराया जाएगा.

सचिव ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘आज हमने दरें अधिसूचित कर दीं. आरओडीटीईपी लंबे समय तक चलने वाली योजना है. यह वाणिज्य मंत्रालय की प्रमुख योजना है. यह विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों के अनुकूल योजना है.’’ उन्होंने कहा कि दोनों योजनाओं के तहत 95 प्रतिशत उत्पाद और निर्यात आएगा. उन्होंने कहा कि तीन क्षेत्रों इस्पात, रसायन और फार्मास्युटिकल्स को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा क्योंकि इन क्षेत्रों ने बिना प्रोत्साहन के ही अच्छा प्रदर्शन किया है. विभिन्न क्षेत्रों के लिए कर रिफंड की दर 0.5 प्रतिशत से 4.3 प्रतिशत होगी.

रोड़टेप स्कीम के तहत एक्पोर्ट को बढ़ावा देने के लिए कई सारे केंद्रीय और राज्य के शुल्कों का रिफंड किया जाता है. सरकार ने अपनी इस महत्वकांक्षी योजना की घोषणा के लगभग दो साल बाद आज रिफंड दरें बताई है. सरकार ने इसके लिए रुपये 12400 करोड़ का प्रावधान किया है.