रक्षाबंधन पर सुशांत की बहन का पोस्ट, ’35 साल बाद, वो कलाई नहीं, जिस पर राखी बांध सकूं , राखी तो है पर सुशांत नहीं

412

सुशांत सिंह राजपूत डेढ़ महीने पहले ही इस दुनिया से अलविदा कह गए। एक्टर अपने पीछे अपना एक बड़ा परिवार छोड़ गए जिसमे एक पिता और चार बहने हैं। सुशांत सिंह राजपूत चार बहने के बेहद लाड़ले भाई रहे हैं । आज देश भर में भाई बहन का त्योहार रक्षाबंधन मनाया जा रहा है। ऐसे में हर बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांध रही है ।

वहीं रक्षाबंधन के इस मौके पर चारों बहनों को अपने भाई की याद सता रही है। आज सुशांत अपनी बहनों के बीच नहीं है। ये पहली बार है जब एक्टर की बहनें उन्हें राखी नहीं बल्कि याद कर रही है। इसी दुख को जताते हुए सुशांत की बहन रानी ने इमोशनल नोट लिखा है। ‘गुलशन, मेरा बच्चा, आप मेरा दिन है। आज तुम्हारा दिन है। आज हमारा दिन है। आज राखी है। 35 साल के बाद ये पहला अवसर है जब पूजा की थाल सजी है। आरती का दिया भी जल रहा है। बस वो चेहरा नहीं है जिसकी आरती उतार सकूं. वो ललाट नहीं है जिस पर टीका सजा सकूं। वो कलाई नहीं जिस पर राखी बांध सकूं। वो मुंह नहीं जिसे मीठा कर सकूं. वो माथा नहीं जिसे चूम सकूं. वो भाई नहीं जिसे गले लगा सकूं.’

उन्होंने आगे लिखा, ‘वर्षों पहले जब तुम जब आए थे, तो जीवन जगमग हो उठा था. जब थे तो उजाला ही उजाला था. अब जब तुम नहीं हो तो मुझे समझ नहीं आता कि क्या करूं? तुम्हारे बगैर मुझे जीना नहीं आता. कभी सोचा नहीं कि ऐसा भी होगा. ये दिन होगा पर तुम नहीं होगे. ढेर सारी चीजें हमने साथ-साथ सीखीं. तुम्हारे बिना रहना मैं अकेले कैसे सीखूं? तुम्हीं कहो. हमेशा तुम्हारी- रानी दी’। आपको बता दें कि सुशांत भी अपनी चारों बहनों से बेहद प्यार करते थे वो जब भी वो घर जाते थे तो उनके साथ खूब समय बिताते थे ।

सुशांत की मौत के बाद उनकी बहनें अपने भाई को इंसाफ दिलवाने के लिये आगे आई हैं और उन्हें भरोसा है कि सुशांत के गुनाहगारों को सजा जरूर मिलेगी ।

आपको बता दें कि सुशांत अपने परिवार के बेहद लाडले थे। होते भी क्यों ना? आखिर एक मां की मन्नतों का, उनकी दुआओं का फल थे सुशांत। चार बहनों के इकलौते भाई थे सुशांत। चार बहनों के बाद सुशांत ने जन्म लिया था। सुशांत की सबसे बड़ी बहन है नीतू सिंह । सुशांत उनके वह काफी करीब थे ।

नीतू के पति ओ पी सिंह हरियाणा के एडीजी हैं । सुशांत की खबर ने नीतू को भी अंदर तक झकझोर कर रख दिया है। उनकी मां स्वर्गिय ऊषा सिंह ने बेटे के लिए मंदिरों में मन्नतें मांगी थी। तब जाकर सुशांत का जन्म हुआ था ।

बेहद कम उम्र में ही सुशांत के हाथ से उनकी मां का हाथ छूट गया था। 2002 में ऊषा सिंह का ब्रेन हैमरेज की वजह से निधन हो गया था। बहरहाल सुशांत अब हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनके जाने का अफसोस उनका परिवार बॉलीवुड जगत और फैंस भी मना रहे हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here