विदेश सचिव श्रृंगला ने कहा- प्रधानमंत्री मोदी का अमेरिका दौरा रहा सफल, बाइडन ने यूएनएससी में स्थायी सीट के लिए दिया समर्थन

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    संयुक्त राष्ट्र आम सभा को संबोधित करने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अमेरिका दौरा खत्म हो चुका है। इससे पहले उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से कई मुद्दों पर बातचीत हुई। साथ ही क्वाड देशों की बैठक में भी पीएम मोदी ने शिरकत की। 

    विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने इसे एक सफल दौरा बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और पुर्तगाल ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को स्थायी सदस्यता मिलने का समर्थन किया है। श्रृंगला ने कहा कि बाइडन ने कहा कि भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट मिलनी चाहिए। पुर्तगाल ने भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट के लिए भारत का समर्थन किया। 

    प्रधानमंत्री मोदी के अमेरिका दौरे को लेकर श्रृंगला ने कहा कि पीएम मोदी का यह अमेरिकी दौरा व्यापक और उपयोगी रहा है, जिसमें उच्च स्तरीय बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि जब अफगानिस्तान की बात आती है तो एकता बहुत प्रासंगिक होती है। क्वाड बैठक अफगानिस्तान के मद्देनजर सभी नेताओं के लक्ष्यों को एक साथ रखने में बहुत उपयोगी साबित हुई।

    श्रृंगला ने कहा कि प्रधानमंत्री ने यूएनएससी में अपनी बात रखी। उन्होंने समुद्री सुरक्षा के मुद्दे पर हमारे योगदान के बारे में भी बात की। हमने सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता की थी, जो बहुत ही सफल रही। यह पहली बार है जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने यूएनएससी में एक बैठक साझा की है। यह भी पहली बार है कि भारत या किसी देश ने समुद्री सुरक्षा पर यूएनएससी की बहस को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया है।

     
    मोदी ने बाइडन के समक्ष उठाया एच1 बी वीजा का मुद्दा: शृंगला
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ अपनी पहली मुलाकात में पेशेवरों के लिए एच1 बी वीजा समेत अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय से जुड़े मुद्दे भी उठाए। शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया, पीएम ने बैठक के दौरान इस तथ्य का उल्लेख किया कि अमेरिका में काम करने वाले कई भारतीय पेशेवर वहां सामाजिक सुरक्षा में योगदान देते हैं।

    अमेरिका में उन योगदानों का लाभ कुछ ऐसा है, जो भारतीय श्रमिकों की संख्या को प्रभावित करता है। इस दौरान मोदी ने भारतीय पेशेवरों की अमेरिका में पहुंच का जिक्र करते हुए बाइडन से एच1बी वीजा पर बात की। प्रधानमंत्री ने बाइडन के साथ व्हाइट हाउस के ओवल दफ्तर में हुई पहली द्विपक्षीय बैठक को शानदार बताया है।

    गौरलतब है कि सबसे अधिक मांग वाला एच1बी वीजा एक गैरप्रवासी वीजा है, जो अमेरिकी कंपनियों को सैद्धांतिक या तकनीकी विशेषज्ञता वाले विदेशी कर्मियों को नियुक्त करने की इजाजत देता है। अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियां भारत और चीन जैसे देशों से हर साल हजारों कर्मचारियों को काम पर रखने के लिए इस वीजा पर निर्भर हैं।

    उधर, व्हाइट हाउस ने एक तथ्य पत्र जारी कर कहा है कि अमेरिका को 2021 में अब तक भारतीय छात्रों को रिकॉर्ड 62,000 वीजा जारी करने पर गर्व है। करीब दो लाख भारतीय छात्र अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सालाना 7.7 अरब डॉलर का योगदान करते हैं। इन दिनों दुनियाभर में फुलब्राइट कार्यक्रम की 75वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। यह कार्यक्रम भारत में शुरू होने के बाद से 71 वर्षों से अमेरिकी और भारतीयों को जोड़ रहा है।