देश का विदेशी मुद्रा भंडार नए रिकॉर्ड पर पहुंचा, जानिए नया लेवल

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देश का विदेशी मुद्रा भंडार छह नवंबर को समाप्त सप्ताह में 7.779 अरब डॉलर की जोरदार वृद्धि के साथ 568.494 अरब डालर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. भारतीय रिजर्व बैंक के शुक्रवार को जारी आंकड़ों में यह बताया गया.

इससे पिछले 30 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 18.3 करोड़ डॉलर बढ़कर 560.715 अरब डॉलर रहा था. समीक्षावधि में विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ने की अहम वजह विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों का बढ़ना है. ये परिसंपत्तियां कुल विदेशी मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा होती है.

रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार समीक्षावधि में एफसीए 6.403 अरब डॉलर बढ़कर 524.742 अरब डॉलर हो गया. एफसीए को दर्शाया डॉलर में जाता है, लेकिन इसमें यूरो, पौंड और येन जैसी अन्य विदेशी मुद्राएं भी शामिल होती है.

पिछले सप्ताहांत में गिरावट के बाद समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान देश का स्वर्ण भंडार 1.328 अरब डॉलर बढ़कर 37.587 अरब डॉलर का हो गया. देश को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में मिला विशेष आहरण अधिकार 70 लाख डॉलर बढ़कर 1.448 अरब डॉलर हो गया. वहीं, समीक्षावधि में देश का आईएमएफ के पास जमा मुद्रा भंडार चार करोड़ डॉलर बढ़कर 4.676 अरब डॉलर पर पहुंच गया.

अर्थव्यवस्था में सुधार जारी रहने के संकेतों के बीच हाल ही में वित्त सचिव अजय भूषण पांडेय ने कहा था कि सरकार के टैक्स कलेक्शन में तेजी आई है और सरकार द्वारा कोविड-19 के मद्देनजर दिए गए प्रोत्साहनों के चलते आर्थिक संकेतकों में सुधार जारी है. पांडेय ने बताया कि वस्तुओं के परिवहन के लिए जरूरी ई-वे बिल को निकालने की संख्या कोविड से पहले के स्तर पर आ गई है और ऑनलाइन पेमेंट तेजी से बढ़े हैं. वस्तुओं की खपत या सेवा दिए जाने पर लिए जाने वाले जीएसटी के कलेक्शन में लगातार दूसरे महीने तेजी आई है.